
– टीएमसी विधायक का विवादित बयान, एसएआर पर लग जाएगी आग
– मुस्लिम समुदाय के साथ एसआईआर प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप
– चुनाव आयोग में बंगाल के छह वरिष्ठ अधिकारियों को किया गया नियुक्त
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: वोटर सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सुनवाई को लेकर एक बार फिर पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में तनाव फैल गया है। दक्षिण 24 परगना के बासंती में सुनवाई केंद्र पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई, वहीं ढोलाहाट में सड़क जाम कर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।विवादित बयानबाजी के लिए बदनाम तृणमूल कांग्रेस के विधायक मोनिरुल इस्लाम ने फिर धमकी भरा बयान दिया है। इस्लाम ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट की गहन समीक्षा के बाद जो मतदाता सूची आएगी, अगर वो ठीकठाक रही तो सही है, वरना आप हर जगह आग लगती देखेंगे। मेरा मानना है कि तड़पते हुए धीरे-धीरे मरने की बजाय लड़ते हुए मरना कहीं अधिक सही है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बुधवार को काफी हंगामा देखने को मिला था, जब फरक्का सीट से टीएमसी विधायक मोनिरुल इस्लाम समर्थकों के साथ फरक्का इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में दिखे थे।
वहां वोटर लिस्ट रिवीजन के काम के दौरान हंगामा हुआ था।हंगामे के बाद फरक्का विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के 200 बूथ लेवल अफसरों ने सामूहिक तौर पर इस्तीफा दे दिया था। बीएलओ का कहना था कि वो बेहद तनाव में काम कर रहे हैं। समर्थकों ने कार्यालय में घुसकर परिसर में तोड़फोड़ की थी। नारेबाजी के साथ उपद्रवियों ने एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग न करने की बात भी कही। विरोध की जगह पर मोनिरुल इस्लाम भी थे, लेकिन उन्होंने टीएमसी द्वारा तोड़फोड़ में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि ये तो परेशान नागरिकों की प्रतिक्रिया था। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के साथ एसआईआर प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने सफाई में कहा था कि वहां कोई टीएमसी का झंडा नहीं था।लेकिन वो पुलिस कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं।
कोलकाता पश्चिम बंगाल के टीएमसी विधायक मोनिरुल इस्लाम के बयान पर भाजपा विधायक शंकर घोष ने कहा कि टीएमसी विधायक की इस्तेमाल की गई भाषा देशविरोधी मंशा को दर्शाता है। वहीं टीएमसी के राज्य महासचिव ने एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को कानून अपने हाथ में न लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में न लें। आपको गुमराह किया जा रहा है और उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आपके साथ हैं। अभिषेक बनर्जी आपके साथ हैं। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस आपके साथ है। राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है। कानून अपने हाथ में न लें। टीएमसी विधायक मोनिरुल इस्लाम के भड़काऊ बयान के बाद आया है।
चुनाव आयोग ने बंगाल में एसआईआर को पारदर्शिता के साथ किए जाने के लिए पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि एसआईआर की कवायद निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ही किया जाए।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव गया प्रसाद को मुर्शिदाबाद जिले का एसआरओ नियुक्त किया गया है, जबकि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल को पश्चिम मेदिनीपुर का कार्यभार सौंपा गया है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस की अतिरिक्त सीईओ को निष्ठा उपाध्याय को शुरूआत में कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में तैनात किया जाएगा और बाद में जिले आवंटित किए जाएंगे।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में संयुक्त सचिव वेंकटेशपति एस को बीरभूम के लिए एसआरओ नियुक्त किया गया है तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव वी किरण गोपाल को उत्तर दिनाजपुर का एसआरओ नियुक्त किया गया है। विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा को पश्चिम बर्धमान जिले का कार्यभार सौंपा गया है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के संयुक्त सचिव रवि शंकर और गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रसन्ना आर को उत्तर 24 परगना जिले के लिए एसआरओ नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के सचिव राघव लैंगर को दक्षिण दिनाजपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संयुक्त सचिव पी बाला किरण को नादिया जिले की जिम्मेदारी दी गई है। माय जीओवी के सीईओ नंद कुमारम को हुगली जिले का एसआरओ नियुक्त किया गया है और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव हर्ष मंगला को पूर्वी मेदिनीपुर जिले की जिम्मेदारी दी गई है। निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की निगरानी के लिए पहले ही विभिन्न स्तरों पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। ये पर्यवेक्षक जमीनी स्तर पर इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे ताकि सटीकता, पारदर्शिता और आयोग के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।









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