Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष प्लान तैयार करेंगे गृहमंत्री अमित शाह

    February 24, 2026

    बस्ती के आरसीसी कॉलेज में प्लेसमेंट की बड़ी सफलता 36 फार्मेसी छात्रों को मैकलियोड्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी में मिला जॉब

    February 24, 2026

    बस्ती जिले में कुमार फ्यूल शुद्ध ईंधन, सही माप और कम दरों से जीता उपभोक्ताओं का विश्वास

    February 24, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, February 25
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष प्लान तैयार करेंगे गृहमंत्री अमित शाह

    सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष प्लान तैयार करेंगे गृहमंत्री अमित शाह

    Roaming ExpressBy Roaming ExpressFebruary 24, 2026 बंगाल

     

    – आज से तीन दिवसीय सीमांचल का दौरा, आतंकियों पर प्रहार तो घुसपैठियों पर होगा अब करारा बार

    – नक्सली मुक्त भारत के तर्ज पर घुसपैठिए मुक्त सीमांचल की पहल

    अशोक झा/ सिलीगुड़ी: गृह मंत्रालय ने जल, थल, नभ खतरों की नई चुनौतियों का आंकलन करने के बाद देश की पहली आतंकवाद विरोधी नीति ‘प्रहार’ का दस्तावेज जारी किया जो जीरो टालरेंस और खुफिया जानकारी के आधार पर चमरपंथी हिंसा की रोकथाम और उसे बाधित करने पर आधारित एक बहुस्तरीय रणनीति है। उसी तरह बिहार बंगाल असम के सीमांचल में छुपे घुसपैठिए पर सटीक बार करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर होंगे। इस दौरान वे भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। गृह मंत्री शाह आज शाम (25 फरवरी को) 4 बजे पूर्णिया पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा किशनगंज के लिए रवाना होंगे।वे शाम 5 बजे से 7 बजे तक कलेक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और किशनगंज में ही रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन 26 फरवरी को गृह मंत्री अररिया जाएंगे, जहां वे सुबह 11 बजे लेट्टी सीमा चौकी पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।
    भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा
    इसके बाद वे कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के जिला अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मुद्दों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें सुरक्षा को लेकर बातचीत होगी। उसी दिन वह वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे और फिर रात रुकने के लिए पूर्णिया लौटेंगे।
    इसके बाद 27 फरवरी को गृह मंत्री शाह पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक बार फिर अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। समीक्षा बैठकों के अंतिम दौर के समापन के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे. अधिकारियों ने रसद संबंधी तैयारियां पूरी कर ली हैं और दौरे से पहले व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
    क्यों महत्वपूर्ण है अमित शाह का यह दौरा?
    जानकारी के अनुसार इस दौरे का मुख्य केंद्र सीमांचल क्षेत्र होने की उम्मीद है। गृह मंत्रालय की ‘नक्सल-मुक्त भारत’ पहल के बाद इसे अगली प्रमुख प्राथमिकता के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. गृह मंत्री अमित शाह ने हाल के वर्षों में कई बार सीमांचल का दौरा किया है। पिछले बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में अवैध प्रवासियों के माध्यम से वोट बैंक बनाने के प्रयास चल रहे हैं और जोर देकर कहा था कि एनडीए सरकार ऐसी प्रथाओं की अनुमति नहीं देगी. उन्होंने कहा था कि हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से निकाल दिया जाएगा और सभी अवैध गतिविधियों को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा। ऐसी ताकतें लगातार षड्यंत्र रचती रहती हैं। आतंकवाद ने भारत को कई बड़े जख्म दिए हैं। भारत दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का शिकार होता रहा है। आतंकवाद की कोख से क्रांति नहीं केवल घृणा और विनाश जन्म लेता है। पाकिस्तान में सत्ता और नॉन स्टेट एक्टर्स की संधि में कोई अंतर नहीं बचा। आतंकी ताकतों ने हमारे धर्मस्थलों को नहीं छोड़ा। लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर संसद तक को निशाना बनाया गया। मुम्बई हमले में सैकड़ों निर्दोषों की जान चली गई। पुलवामा में हमारे जवानों को अपनी शहादत देनी पड़ी। पहलगाम हमले में बेगुनाहों को उनका धर्म पूछकर मारा गया। यह नैतिक और बर्बरता की प्रकाष्ठा थी। जैसे-जैसे देश के लिए खतरों का स्वरूप बदलता रहता है और नई चुनौतियां पेश करता है। उनका सामना करने के लिए देश को नई नीतियां बनानी पड़ती हैं। गृह मंत्रालय ने जल, थल, नभ खतरों की नई चुनौतियों का आंकलन करने के बाद देश की पहली आतंकवाद विरोधी नीति ‘प्रहार’ का दस्तावेज जारी किया जो जीरो टालरेंस और खुफिया जानकारी के आधार पर चमरपंथी हिंसा की रोकथाम आैर उसे बाधित करने पर आधारित एक बहुस्तरीय रणनीति है। यह नीति देश के भीतर और बाहर से उत्पन्न होने वाले आतंकी खतरों का मुकाबला करने के लिए सात प्रमुख स्तम्भों पर आधारित है।
    प्रहार का तात्पर्य है भारतीय नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए आतंकी हमलों की रोकथाम, खतरे के अनुरूप और त्वरित प्रतिक्रियाएं देना, समग्र सरकारी दृष्टिकोण में तालमेल हासिल करने के लिए आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, खतरों को कम करने के लिए मानवाधिकार और ‘कानून के शासन’ पर आधारित प्रक्रियाएं। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना जिसमें कट्टरपंथ भी शामिल है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय प्रयासों को संरेखित और आकार देना। समाज के समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से पुनर्प्राप्ति और लचीलापन। पाकिस्तान का नाम लिए बिना, दस्तावेज में कहा गया है कि भारत सीमा पार आतंकवाद से लगातार खतरों का सामना कर रहा है, जिसमें जिहादी संगठन और अलकायदा और आईएसआईएस जैसे वैश्विक समूह हमलों की योजना बनाने के लिए स्लीपर सेल का उपयोग कर रहे हैं। विदेशों से संचालित चरमपंथी उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हैं, जिनमें ड्रोन भी शामिल हैं, विशेष रूप से पंजाब और जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी हिंसा में हताहतों की प्रकृति को लेकर कोई संकोच नहीं होता। आतंकवादी सभी को साफ्ट टारगेट मानते हैं। छुट्टी पर आए सैनिक हों या निहत्थे पुलिसकर्मी। यहां तक कि बच्चों से भरी स्कूल बसें भी इनके निशाने पर हैं। किसी भी राष्ट्र की आतंकवादी विरोधी नीति अनिवार्य रूप से अतीत में ऐसे मामलों से निपटने के उसके अनुभव आैर वर्तमान स्थिति पर आधारित होती है। 80 के दशक में हमने पंजाब और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का भयंकर दौर देखा। मैं स्वयं उस परिवार से संबंध रखता हूं जिसने आतंकवाद की बहुत पीड़ा झेली है। पंजाब में धार्मिक अल्पसंख्यकों यानि हिन्दुओं को बसों और ट्रेनों से निकालकर बेरहमी से मार डाला गया तो जम्मू में कश्मीरी पंडितों पर जुल्म ढाए गए आैर 90 के दशक में घाटी कश्मीरी पंडितों से खाली हो गई। कश्मीरी पंडित अपने ही देश में शरणार्थी हो गए और उन्हें 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत की नीति में मूल परिवर्तन आया है। भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं रह गया। 2016 का सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 का बालाकोटा एयर स्ट्राइक और 2023 का ऑपरेशन सिंदूर यह सभी कदम नीति में परिवर्तन का प्रमाण हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवादी कहीं भी हो उन्हें खत्म किया जाएगा और आतंकवाद के किसी भी स्वरूप को सहन नहीं किया जाएगा।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में आतंक पर जीरो टॉलरेंस नीति एवं राष्ट्रहित पर कोई समझौता नहीं करने की रणनीति अपनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने “जीरो टॉलरेंस” की नीति को सिर्फ नारा नहीं, बल्कि शासन का स्थायी सिद्धांत बना दिया है। चाहे सीमा पार से आने वाले आतंकी हमले हों या देश के भीतर की कट्टरवादी गतिविधियां मोदी सरकार ने हर स्तर पर यह साबित किया है कि भारत अब न तो चुप रहेगा और न झुकेगा। मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को एक ही झटके में खत्म कर आतंकवाद को खत्म करने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया। अब अलगाववादी हुर्रियत कान्फ्रेंस का नामोनिशान नहीं बचा है। आतंकवादी संगठन हाशिए पर हैं। आतंकवादी वारदातों की संख्या काफी कम हो गई है। आतंकवादी कमांडरों का जीवन बहुत कम रह गया है। हालांकि बचे-खुचे आतंकवादी टारगेट किलिंग में सफल हो रहे हैं लेकिन राज्य में बहुत बड़ा परिवर्तन यह आया है कि बाजार गुलजार हैं। पहलगाम की घटना के बाद अब पर्यटन स्थल दोबारा से खुल चुके हैं। हाल ही के महीनों में खुफिया एजेंसियों ने कई राज्यों में रची जा रही 10 से ज्यादा बड़ी आतंकी साजिशों पर विराम लगाया है। जैश-ए-मोहम्मद, आईएसआईएस, टीटीपी और अन्य आतंकवादी संगठनों द्वारा देश में अंजाम दिए जाने वाले हमलों पर प्रभावी रोक लगी है। देश के भीतर नक्सलवाद अब आखिरी सांसें ले रहा है। लाल आतंक का गलियारा अब खत्म हो चुका है। नक्सली कमांडर या तो मारे जा चुके हैं और बाकी सभी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। नक्सल मुक्त भारत का सपना साकार हो चुका है। गृहमंत्री अमित शाह ने अपना अटूट संकल्प पूरा कर दिखाया है। मोदी सरकार ने आतंकवादियों को न केवल सीमाओं पर जवाब दिया गया बल्कि उनकी फंडिंग, नेटवर्क और ठिकानों पर भी निर्णायक वार किया। इस सख्त नीति का परिणाम आंकड़ों में साफ झलकता है। जब सरकार की नीयत साफ हो और नेतृत्व निर्णायक हो, तब आतंक की जड़ें हिलती हैं। भारत ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति, आधुनिक तकनीक और सशक्त सुरक्षा नीति से आतंकवाद के फन को कुचला जा सकता है। हर भारतीय को राजनीति प्रथम आैर राष्ट्र प्रथम की मानसिकता रखने वाली सरकारों में अंतर नजर आ रहा है। नया भारत न खामोश बैठता है न झुकता है। आतंकवाद के विरुद्ध नई नीति ‘प्रहार’ निर्णायक कार्रवाई करने का अटूट संकल्प है।

    Post Views: 34

    Related Posts

    बंगाल में कोलकोता हाई कोर्ट समेत पांच जिलों में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

    February 24, 2026By Roaming Express

    हिट-एंड-रन केस में पेट्रोल पंप मालिक के बेटे देबांग्शु पाल चौधरी गिरफ्तार

    February 23, 2026By Roaming Express

    बंगाल के राजनीतिक चाणक्य पूर्व रेलमंत्री मुकुल राय का निधन

    February 23, 2026By Roaming Express

    यदि रिविजन का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो ममता सरकार को भुगतने होंगे इसके गंभीर परिणाम

    February 22, 2026By Roaming Express

    बंगाल में चुनाव से पूर्व 480 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कंपनियों की होगी तैनात

    February 21, 2026By Roaming Express

    राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में ‘फेमिनिस्ट मैनिफेस्टो’की प्रस्तुति: स्त्री स्मृतियों के संग्रहालय में एक यात्रा

    February 21, 2026By Roaming Express
    आज का मौषम
    मौसम
    Top Posts

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष प्लान तैयार करेंगे गृहमंत्री अमित शाह

    February 24, 2026

    – आज से तीन दिवसीय सीमांचल का दौरा, आतंकियों पर प्रहार तो घुसपैठियों पर…

    बस्ती के आरसीसी कॉलेज में प्लेसमेंट की बड़ी सफलता 36 फार्मेसी छात्रों को मैकलियोड्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी में मिला जॉब

    February 24, 2026

    बस्ती जिले में कुमार फ्यूल शुद्ध ईंधन, सही माप और कम दरों से जीता उपभोक्ताओं का विश्वास

    February 24, 2026

    सिद्धार्थनगर में त्योहारों को लेकर डीआईजी ने की समीक्षा, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश

    February 24, 2026
    LATEST NEWS

    सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष प्लान तैयार करेंगे गृहमंत्री अमित शाह

    February 24, 2026

    बस्ती के आरसीसी कॉलेज में प्लेसमेंट की बड़ी सफलता 36 फार्मेसी छात्रों को मैकलियोड्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी में मिला जॉब

    February 24, 2026

    बस्ती जिले में कुमार फ्यूल शुद्ध ईंधन, सही माप और कम दरों से जीता उपभोक्ताओं का विश्वास

    February 24, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1544006
    Hits Today : 798
    Who's Online : 6
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.