लखनऊ: यूपी की राजधानी में ‘जनगणना-2027’ की तैयारियों को सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं तकनीकी पहलुओं पर गहन चर्चा करते हुए प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह, जनगणना निदेशालय की ओर से डॉ गौरव पाण्डेय (उप निदेशक), श्रीमती उपासना गिरी (सहायक निदेशक), रमेश कुमार पाण्डेय (सांख्यिकीय अन्वेषक) तथा अनिल सिंह द्वारा जनगणना-2027 के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों, नवीन तकनीकी व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों द्वारा जनगणना की तैयारियों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया ।
बैठक में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई:
जनपद में प्रगणना ब्लॉकों की अनुमानित संख्या एवं उनके निर्धारण की वर्तमान स्थिति
जनगणना पोर्टल पर बनाए गए वार्डों का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन
प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजरों की संख्या, उनकी नियुक्ति एवं
प्रशिक्षण की प्रगति
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना कार्य के लिए संसाधनों की उपलब्धता के बारे में गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि आगामी शनिवार सायं तक सभी चार्ज प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में बने प्रगणना ब्लॉकों की संख्या के अनुरूप प्रगणकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक 6 प्रगणकों पर 1 सुपरवाइजर की नियुक्ति करते हुए समस्त विवरण को जनगणना पोर्टल पर फ्रीज किया जाए।
उन्होंने आगे निर्देशित किया कि 15 अप्रैल से 01 मई 2026 तक 300 से अधिक प्रगणकों के बैच बनाकर उनका प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रगणकों के प्रशिक्षण से पूर्व मास्टर ट्रेनर्स का पुनः संक्षिप्त प्रशिक्षण कराना अनिवार्य होगा, जिससे वे प्रगणकों को प्रभावी एवं पूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर सकें।
जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक तहसील के उपजिलाधिकारी प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी होंगे। प्रशिक्षण स्थलों पर स्मार्ट बोर्ड/प्रोजेक्टर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। नगर निगम के 8 जोनों के जोनल अधिकारी नगरीय विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न कराएंगे।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी संबंधित अधिकारी जनगणना-2027 को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व के रूप में लेते हुए इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें। उन्होंने कहा कि प्रगणना ब्लॉकों का निर्धारण पूर्णतः त्रुटिरहित एवं समय से किया जाए तथा पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं का भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से समीक्षा करते रहें तथा प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करें।
जनगणना का कार्य केन्द्र एवं राज्य सरकार के सामूहिक प्रयास से सम्पन्न किया जाएगा। लखनऊ जनपद में जनगणना कार्य के लिए लगभग 16,000 कर्मचारी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे जोकि राज्य प्रशासन की देखरेख में अपना कार्य पूर्ण करेंगे। कार्य सही से न करने वाले एवं कार्य से मना करने पर जनगणना अधिनियम के अतर्गत 3 वर्ष की कैद तक का प्रावधान है।
आगामी जनगणना में आम जनता के लिए स्व-गणना का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश में स्वगणना पोर्टल 7 मई से 21 मई, 2026 तक उपलब्ध रहेगा , जिस पर कोई भी अपने परिवार अपनी जानकारी भर सकेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य के लिए मकान सूचीकरण चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा।










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