उप्र बस्ती जिले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष/न्यायाधीश अमरजीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह की पीठ ने स्कूल ड्रेस के जूता-जुराब के लिए भुगतान लेने के बावजूद सामान उपलब्ध नहीं कराने के मामले में पूनम ड्रेसेज को आदेश दिया है। आयोग ने दुकानदार को परिवादी को तत्काल जूता-जुराब उपलब्ध कराने को कहा है।
जूता-जुराब नहीं तो 1295 रुपये ब्याज समेत लौटाने होंगे
आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि यदि जूता-जुराब उपलब्ध कराना संभव नहीं है तो परिवादी से ली गई 1295 रुपये की धनराशि 45 दिन के भीतर ब्याज समेत लौटानी होगी। इसके अलावा मानसिक कष्ट और वाद व्यय के लिए परिवादी को 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी देनी होगी।
5123 रुपये में खरीदा था स्कूल का सामान
तहसील सदर क्षेत्र के मछिया गांव निवासी राहुल कुमार चौधरी ने अधिवक्ता रामनयन गौतम के माध्यम से आयोग में परिवाद दाखिल किया था। परिवादी के अनुसार, आठ अप्रैल 2025 को उन्होंने धर्मशाला रोड स्थित पूनम ड्रेसेज से बच्चे के स्कूल का सामान 5123 रुपये में खरीदा था। इसमें जूता-जुराब भी शामिल थे।
उस समय जूता-जुराब उपलब्ध नहीं होने पर दुकानदार ने एक टोकन कोड लिखकर दिया और बाद में टोकन दिखाने पर सामान देने की बात कही। इसके लिए परिवादी से 1295 रुपये भी लिए गए।
मोबाइल में रसीद दिखाई, फिर भी नहीं मिला सामान
कुछ दिन बाद राहुल कुमार चौधरी जूता-जुराब लेने दुकान पहुंचे। दुकानदार ने उनसे मूल रसीद मांगी। परिवादी ने रसीद खो जाने की बात बताते हुए मोबाइल में मौजूद रसीद का फोटो दिखाया, लेकिन दुकानदार ने उसे स्वीकार नहीं किया। मूल रसीद नहीं देने तक जूता-जुराब देने से इनकार कर दिया गया।
काफी अनुरोध के बावजूद सामान नहीं मिलने पर परिवादी ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद आयोग की पीठ ने दुकानदार को जूता-जुराब उपलब्ध कराने अथवा निर्धारित अवधि में 1295 रुपये ब्याज समेत लौटाने के साथ 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।








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