उप्र बस्ती जिले में विकास खंड दुबौलिया की ग्राम पंचायत बरदिया लोहर की प्रधान/प्रशासक अंजली को जिलाधिकारी ने पद से हटा दिया है। वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच में पुष्टि होने और मामले में कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। इससे पहले डीएम ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित किए थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया था।
दुबौलिया ब्लॉक के रमना तौफीर निवासी सूरज सिंह ने ग्राम प्रधान अंजली के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत की जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आने पर डीएम ने 26 मार्च 2025 को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए थे। इसके खिलाफ प्रधान ने हाईकोर्ट की शरण ली।
हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर 11 फरवरी 2026 को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार बहाल कर दिए गए। इसके बाद मामले की जांच जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) और जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को सौंपी गई।
जेठ की फर्म को कराया भुगतान
जांच में पुष्टि हुई कि ग्राम प्रधान ने अपने जेठ की फर्म को ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों का भुगतान किया था। जांच अधिकारियों के अनुसार यह शासनादेश के विपरीत था। इसके अलावा मनरेगा मजदूरों की मजदूरी की धनराशि प्रधान के व्यक्तिगत खाते में मंगाए जाने की बात भी जांच में सामने आई। इसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना गया।
शिकायतकर्ता की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जाती रही। इसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी ने वित्तीय अनियमितता के आरोपों की पुष्टि होने पर बरदिया लोहर की प्रधान/प्रशासक अंजली को पद से हटा दिया।








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