
अशोक झा
नेपाल में इस समय भारी उथल-पुथल मची है. सोशल मीडिया पर बैन को लेकर शुरू हुआ Gen-Z प्रोटेस्ट अब व्यापक रूप ले चुका है। नेपाल सरकार के कई बड़े मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के आवास पर हमले हुए हैं।
काठमांडू, पोखरा, इटहरी, बुटवल, और भैरहवा जैसे शहरों में कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के पास सड़कें जाम कर दीं, प्रमुख नेताओं के घरों पर हमले किए, और आगजनी की। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के 21 सांसदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया, जबकि गृह मंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री राम नाथ अधिकारी, और जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव ने पद छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक, ओली दुबई भागने की तैयारी कर रहे हैं, और उनकी सरकार का गठबंधन टूटने की कगार पर है। आइए, इस सियासी तूफान को विस्तार से समझते हैं,पीएम ओली ने सेना प्रमुख अशको राज से स्थिति पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाने को कहा. इसके साथ ही देश से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए सेना से मदद मांगी. सैन्य सूत्रों के मुताबिक, इस पर सेना प्रमुख ने ओली से पद से इस्तीफा देने को कहा है.
सेना का कहना है कि पीएम के बिना सत्ता छोड़े स्थिति पर नियंत्रण पाना मुश्किल है. अगर ओली सत्ता छोड़ देते हैं तो सेना स्थिति पर काबू पाने को तैयार है.
इस बीच प्रधानमंत्री ओली ने शाम छह बजे ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है. बता दें कि छात्रों के ये प्रदर्शन काठमांडू के कालांकी और बानेश्वर के साथ-साथ ललितपुर जिले के छपागांव-थेचो में हो रहा है. प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर छात्र शामिल हैं.
बता दें कि देश में सोशल मीडिया पर बैन लगाने को लेकर लगातार दूसरे दिन युवाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस दौरान अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। जहां जेन-जेड की हुंकार शेख हसीना वाली बांग्लादेश क्रांति की याद दिला रही है…सोशल मीडिया बैन हटाने के बाद भी बेकाबू बगावत: मंगलवार का नया दौर : सोमवार (8 सितंबर 2025) देर रात कैबिनेट की आपात बैठक में ओली सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Facebook, Instagram, WhatsApp, YouTube आदि) पर लगे बैन को हटा लिया। लेकिन ये फैसला प्रदर्शनकारियों को शांत करने में नाकाम रहा। मंगलवार(9 सितंबर 2025) सुबह काठमांडू के मैतीघर मंडला और न्यू बनेश्वर में हजारों छात्र फिर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू रिंग रोड पर सड़कें जाम कर दीं, संसद भवन के पास बैरिकेड्स तोड़े, और प्रमुख सड़कों पर पथराव किया। हिंसा का नया चक्र: ललितपुर के खुमालतार: प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के आवास पर तोड़फोड़ की। प्रचंड के घर के बाहर टायर जलाए गए और खिड़कियां तोड़ी गईं।
काठमांडू के बुधनीलकांठा: पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के घर के सामने प्रदर्शन हुआ, जहां पुलिस और युवाओं के बीच झड़पें हुईं। भक्तपुर: ओली के भक्तपुर स्थित आवास के पास गोलीबारी में 2 लोग घायल हुए। नाइकाप: गृह मंत्री रमेश लेखक के आवास पर आगजनी और तोड़फोड़। लेखक ने सोमवार को ही इस्तीफा दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारी उनका घर निशाना बनाया। कीर्तिपुर नगरपालिका भवन: अन्नपूर्णा पोस्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने नया बाजार स्थित भवन में आग लगा दी। कहां-कहां कर्फ्यू बढ़ाया गया?
काठमांडू जिला प्रशासन ने रिंग रोड इलाके में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया। पोखरा, इटहरी, बुटवल, और भैरहवा में भी कर्फ्यू दोबारा लागू कर दिया गया। नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस को तैनात किया गया। रायटर्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज और तख्तियां लेकर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया।ओली का बयान: ‘स्वार्थी तत्वों का घुसपैठ’, लेकिन इस्तीफे की लहर: प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोमवार देर शाम बयान जारी कर कहा, ‘सोशल मीडिया बैन स्थायी नहीं था, ये प्लेटफॉर्म्स के रजिस्ट्रेशन न करने की वजह से था। सोमवार की हिंसा के लिए ‘विभिन्न निहित स्वार्थी समूहों की घुसपैठ’ जिम्मेदार है।’ उन्होंने विरोध प्रदर्शन की जांच के लिए पैनल गठित करने, पीड़ितों को वित्तीय राहत, और घायलों को मुफ्त इलाज का ऐलान किया। लेकिन ये बयान प्रदर्शनकारियों को शांत करने में नाकाम रहा।
RSP का बम फूटा: 21 सांसदों का सामूहिक इस्तीफा, चुनाव की मांग : राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), जो संसद में 21 सीटों वाली नई पार्टी है, ने मंगलवार को सामूहिक इस्तीफा दे दिया। रवी लामिछाने के नेतृत्व वाली RSP ने शुरू से ही जेन-जेड प्रदर्शन का समर्थन किया है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, RSP ने कहा, ‘ओली सरकार ने वैधता खो दी है। हमें तत्काल चुनाव चाहिए।’ RSP ने नेपाली कांग्रेस और CPN-UML गठबंधन को नाकाम बताया। RSP का इस्तीफा ओली सरकार के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि ये पार्टी 2022 के चुनाव में उभरी थी और युवाओं में लोकप्रिय है। RSP ने संसद भंग करने और नए सिरे से चुनाव की मांग की, जो ओली की सत्ता को और कमजोर कर सकता है। CPN-माओवादी सेंटर ने भी RSP के साथ विपक्षी बैठक बुलाई, जहां ओली के इस्तीफे की मांग की गई। मंत्रियों का इस्तीफा: सरकार लड़खड़ा रही
मंगलवार को 3 मंत्रियों के इस्तीफे ने ओली सरकार को हिलाकर रख दिया:-गृह मंत्री रमेश लेखक : सोमवार शाम इस्तीफा, मॉरल रिस्पॉन्सिबिलिटी लेते हुए। कृषि मंत्री राम नाथ अधिकारी : मंगलवार सुबह इस्तीफा, सरकार के दमनकारी रवैये का विरोध करते हुए। काठमांडू पोस्ट ने बताया कि अधिकारी ने शेखर कोइराला गुट से हैं। जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव (जनता समाजवादी पार्टी): मंगलवार को इस्तीफा, जेन-जेड आंदोलन का समर्थन करते हुए।
ये इस्तीफे नेपाली कांग्रेस के दबाव का नतीजा हैं। कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा पर पार्टी नेताओं का दबाव है कि गठबंधन तोड़ें। कांग्रेस महासचिव गगन थापा ने ओली से मॉरल रिस्पॉन्सिबिलिटी लेने की मांग की। प्रमुख नेताओं के घरों पर हमले: सत्ता का संकट गहराया। प्रचंड का घर (खुमालतार, ललितपुर): तोड़फोड़ और पथराव। ANI ने वीडियो शेयर किया, जहां प्रदर्शनकारी प्रचंड के आवास के बाहर नारे लगा रहे थे। देउबा का घर (बुधनीलकांठा, काठमांडू): घर के सामने प्रदर्शन, लेकिन सेना ने रोका। रमेश लेखक का घर (नाइकाप): आगजनी और तोड़फोड़। लेखक के इस्तीफे के बावजूद प्रदर्शनकारी उनका घर निशाना बनाया।
कीर्तिपुर नगरपालिका भवन: आग लगा दी गई। अन्नपूर्णा पोस्ट ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने भवन को निशाना बनाया।
ओली का भक्तपुर आवास: गोलीबारी में 2 घायल।
ये हमले बांग्लादेश की याद दिलाते हैं, जहां शेख हसीना के गणभवन पर कब्जा कर लिया गया था। वहां प्रदर्शनकारियों ने फर्नीचर लूटा, किताबें जलाईं, और बिस्तर पर लेटकर वीडियो बनाए, जो TikTok पर वायरल हुए। सोमवार की हिंसा में 19 मौतें (कुछ रिपोर्ट्स में 20), 300 से ज्यादा घायल। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 6, सिविल हॉस्पिटल में 3, और एवरेस्ट हॉस्पिटल में 3 मौतें। पत्रकारों और पुलिसकर्मियों पर भी हमले हुए।
ओली की सत्ता लड़खड़ा रही: दुबई भागने की अफवाहें?
सूत्रों के मुताबिक, ओली दुबई भागने की तैयारी कर रहे हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिमालय एयरलाइंस को स्टैंडबाय रखा गया है, और ओली ने चिकित्सा उपचार का बहाना बनाया है। लेकिन असल में ये सत्ता संकट से बचने की रणनीति लगती है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (UML) और नेपाली कांग्रेस का गठबंधन टूटने की कगार पर है। CPN-माओवादी सेंटर के प्रचंड ने ओली के इस्तीफे की मांग की है।








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