
– भारत के फंसे पर्यटकों को निकालने की तैयारी में विदेश मंत्रालय
नेपाल बोर्डर से अशोक झा: नेपाल इस समय गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा है। सोशल मीडिया बैन और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ शांतिपूर्ण आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। जेन जी प्रदर्शनकारी हर तरफ कोहराम मचा रहे हैं। नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़े हिंसक प्रदर्शन का फायदा उठाकर 13,500 से ज्यादा कैदी भाग निकले। जबकि हिरासत में लिए गए 560 आरोपी भी फरार हो गए। इसके अलावा पश्चिमी नेपाल की एक जेल में सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच झड़प हो गई। इसमें पुलिस की गोलीबारी से पांच नाबालिग कैदियों की मौत हो गई और चार गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस से मिली सूचना में बताया गया कि एक सुधार गृह में कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस प्रदर्शन में अबतक 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 30 मारे जा चुके हैं।
वहीं, लोकल मीडिया में दावा किया गया है कि देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं। इन्हें Gen-Z का समर्थन मिला है।
आज दिनभर क्या हुआ समझिए: पूर्व प्रधानमंत्री ओली का संदेश : पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने जेन-जी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और हिंसा व तोड़फोड़ की निंदा की।नेतृत्व का बढ़ता विवाद: सेना मुख्यालय के बाहर अंतरिम नेतृत्व को लेकर जेन-जी युवाओं के बीच बहस और टकराव हुआ। कर्फ्यू की सीमा बढ़ाई गई : नेपाली सेना ने कर्फ्यू को गुरुवार सुबह तक बढ़ा दिया है। कानूनी कार्रवाई को किया गया स्थगित: सुप्रीम कोर्ट भवन में आग लगने के बाद सभी सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
सुशीला कार्की का नाम किया आगे: प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने की सिफारिश की।जेल से कैदी फरार: देशभर की जेलों से 13,500 से ज्यादा कैदी भाग चुके हैं। एयरपोर्ट बंद: त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद कर दिया गया। विदेशी यात्री फंसे हुए हैं।
धाडिंग जेल गोलीकांड: धाडिंग जेल तोड़ने की कोशिश के दौरान सेना की गोलीबारी में एक कैदी की मौत हुई और सात घायल हुए।लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ा: नेपाल विरोध प्रदर्शन में अब तक 30 की मौत, 1,033 घायल।
भारत ने शुरू की रेस्क्यू ऑपरेशन : नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए एअर इंडिया ने स्पेशल फ्लाइट शुरू की। आंदोलन के बड़े नेता रबि लामिछाने का ऐलान- सरकार बनाने की दौड़ में नहीं हूं: राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबि लामिछाने ने बुधवार को एक फेसबुक वीडियो में स्पष्ट किया कि वह नई सरकार बनाने की किसी भी कोशिश में शामिल नहीं हैं।
उन्होंने कहा- मैं न तो लीडरशिप की दौड़ में हूं और न ही सरकार बनाने की बैठकों में हिस्सा ले रहा हूं। लामिछाने ने कहा कि उनके नाम को विवाद में घसीटने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दोहराया- मैंने बार-बार कहा है कि मैं इस दौड़ में नहीं हूं, इसलिए मेरी बदनामी का कोई कारण नहीं है।
कैदियों ने नेपाल की धाडिंग जेल से भागने की कोशिश की
नेपाल के धाडिंग जेल में कैदियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर भागने की कोशिश की। इस दौरान नेपाली सेना को गोलीबारी करनी पड़ी, जिसमें दो कैदियों की मौत हो गई। मारे गए कैदियों की पहचान 75 वर्षीय जीत बहादुर घाले (बलात्कार मामले में सजायाफ्ता) और 36 वर्षीय इंद्र बहादुर दला (नशीली दवाओं से जुड़े अपराध में कैद) के रूप में हुई है। भागने की कोशिश में सात कैदी घायल हुए हैं। कैदियों ने सुबह 9 बजे से ही विद्रोह शुरू कर दिया था, लेकिन हालात दोपहर करीब 1:18 बजे पूरी तरह बिगड़ गए। इस झड़प में छह सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए।
09:06 pm 10 सितंबर 2025
एअर इंडिया ने नेपाल में फंसे यात्रियों के लिए स्पेशल फ्लाइट शुरू कीं: एअर इंडिया ने नेपाल में हाल की घटनाओं के कारण फंसे यात्रियों की मदद के लिए आज और कल दिल्ली से काठमांडू और वापस विशेष उड़ानें चलाई हैं। कंपनी ने बताया कि उनकी रेगुलर उड़ानें कल से फिर शुरू होंगी। एअर इंडिया ने सरकार और अन्य एजेंसियों को शुक्रिया कहा, जिन्होंने यात्रियों के मदद के लिए तेजी से काम किया।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कहा था कि उन्होंने नेपाल में चल रही हिंसा के बारे में भारत के विदेश सचिव से बात की है। विदेश सचिव ने नेपाल में फंसे लगभग 1,000 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का भरोसा दिया है। सिंधुली जेल से सभी कैदी फरार
नेपाल के सिंधुली जेल से सभी 471 कैदी फरार हो गए हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक, बुधवार सुबह कैदियों ने जेल के अंदर आग लगा दी और मेन गेट तोड़कर बाहर निकल गए। जेल में 428 पुरुष और 43 महिलाएं कैद थीं। पुलिस अधीक्षक लालध्वज सुबेदी ने बताया कि कैदियों ने सामूहिक रूप से जेल तोड़ने की योजना बनाई थी और भारी हंगामे के बीच वे सभी भागने में सफल रहे। नेपाल में फंसे गुजरात से 300 लोग
नेपाल में चल रहे राजनीतिक संकट और हिंसक प्रदर्शनों के बीच गुजरात के 300 से ज्यादा लोग फंस गए हैं। इनमें भावनगर के 43 और अहमदाबाद के 9 लोग शामिल हैं। सभी गुजरातियों को होटल, वृद्धाश्रम और अन्य जगहों पर सुरक्षा के साथ रखा गया है।प्रदर्शनकारियों में एक नाम पर सहमति नहीं: नेपाल में नई सरकार के नेतृत्व को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। सेना ने गुरुवार सुबह प्रदर्शनकारियों अपील की कि वे आपसी सहमति से आगे बढ़ें। सेना अधिकारियों ने सेना मुख्यालय के बाहर लाउडस्पीकर से घोषणा करते हुए कहा कि हर समूह अपने-अपने संभावित नेताओं के नाम और संपर्क नंबर सुबह तक उपलब्ध कराए, ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।
दरअसल, बुधवार को प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन बाहर एकत्र भीड़ ने इसका विरोध किया और उनके खिलाफ नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के मेयर बालेन शाह और अन्य युवा चेहरों का नाम आगे बढ़ाया।गेट पर जमा प्रदर्शनकारियों के बीच से अलग-अलग राय और असहमति साफ दिखाई दी। सेना का कहना है कि इस असंतोष को दूर करने के लिए सभी पक्षों को अपने-अपने पसंदीदा नेताओं के नाम स्पष्ट रूप से देने चाहिए, ताकि आगे की चर्चा सुगम हो सके और संकट का हल निकाला जा सके। नेपाल में छतरपुर के 14 लोग फंसे, कहा- तोड़फोड़ हो रही नेपाल में हो रही हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच हजारों भारतीयों की तरह एमपी के छतरपुर जिले के भी चार परिवार काठमांडू में फंसे हुए हैं। इन परिवारों में बच्चों सहित कुल 14 लोग हैं, जो सुरक्षित वतन वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगा रहे हैं। हिंसा के दौरान आगजनी, तोडफ़ोड़ और कई लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। छतरपुर के गल्ला मंडी निवासी व्यापारी पप्पू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल और एक कुशवाहा परिवार नेपाल घूमने गए थे। ये सभी लोग इस समय काठमांडू के एक होटल में फंसे हुए हैं।
सुशीला कार्की सेना मुख्यालय पहुंची
नेपाल में अंतरिम प्रधानमंत्री पद की दावेदार सुशीला कार्की आर्मी मुख्यालय पहुंचकर और अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही हैं। केपी ओली बोले- नेपाल हिंसा एक गहरी साजिश पद छोडने के बाद पहली बार पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली ने बयान दिया है। उन्होंने युवाओं के नाम खुली चिट्ठी लिखकर प्रदर्शन को गहरी साजिश बताया है। उन्होंने कार्यालयों में आगजनी और जेल से कैदियों को छुड़ाने जैसी घटनाओं को पहले से तय बताया।
नेपाल के सिविल सर्विस हॉस्पिटल में 436 मरीजों का इलाज जारी: नेपाल के सिविल सर्विस अस्पताल में 436 घायल मरीजों का इलाज चल रहा है, जो सबसे ज्यादा है। वहीं, नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 161 और एवरेस्ट अस्पताल में 109 मरीज भर्ती हैं। देश भर के 28 अस्पताल घायलों का इलाज कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इमरजेंसी सर्विस को सक्रिय कर दिया है और अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है।
विरोध प्रदर्शनों में अब तक 30 की मौत, 1,033 घायल
नेपाल स्वास्थ्य मंत्रालय मुताबिक अब तक देशभर में 30 लोग मरे और 1033 लोग घायल हुए हैं। बुधवार शाम जारी आंकड़ों के मुताबि, 713 घायल अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं, जबकि 55 लोगों को आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया है। इसके अलावा 253 लोग नए भर्ती हुए हैं। सबसे ज्यादा मरीज सिविल सर्विस अस्पताल में हैं, जहां 436 लोगों का इलाज चल रहा है। नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 161 और एवरेस्ट अस्पताल में 109 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। कुल मिलाकर देश के 28 अस्पताल घायलों का इलाज कर रहे हैं।प्रदर्शनकारियों ने आज काठमांडू के हिल्टन होटल में आग लगा दी। इस आगजनी में होटल पूरी तरह जलकर खाक हो गया।









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