अशोक झा/ सिलीगुड़ी: भारत- म्यांमार सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। असम राइफल्स की एक यूनिट ने मिजोरम के चम्फाई जिले के जोटे इलाके में 34 किलो से अधिक मेथामफेटामाइन टैबलेट्स जब्त की हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 102.65 करोड़ रुपए बताई जा रही है। स्पीयर कोर इंडियन आर्मी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस ऑपरेशन की जानकारी साझा की। पोस्ट में बताया गया कि 18 सितंबर 2025 को विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर असम राइफल्स की टीम ने संदिग्ध व्यक्ति को रोका। लेकिन चुनौती मिलते ही वह सामान छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। तलाशी में भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुईं। बरामद नशीली सामग्री को आगे की जांच के लिए आबकारी और नारकोटिक्स विभाग, चम्फाई को सौंप दिया गया है। इससे पहले 8 सितंबर को भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर, बिष्णुपुर, चंदेल, थौबल, काकचिंग, इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों में संयुक्त अभियान चलाए थे। इन अभियानों में 11 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया, साथ ही 5 हथियार, 6.9 करोड़ रुपए की अफीम, 690 लीटर नकली शराब और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई थी। इसके अलावा, 3 सितंबर को भी एक बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया गया था, जो सीमापार से संचालित हो रहा था। सुरक्षा बलों ने मणिपुर में जमीन के नीचे छुपाई गई नशीली सामग्री बरामद की, जिसकी कीमत लगभग ₹7 करोड़ आँकी गई थी। सैन्य बलों का कहना है कि म्यांमार से लगती सीमा के रास्ते ड्रग्स सिंडिकेट सक्रिय है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी को अंजाम दे रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई से इन नेटवर्क्स को बड़ा झटका लगा है।भारत सरकार और सेना लंबे समय से नॉर्थ-ईस्ट में नशीली दवाओं की तस्करी और उग्रवाद के बीच गहरे रिश्तों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। हाल की कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा बल सीमापार से आने वाले इस अवैध धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं।









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