Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    सांसद सुधांशु त्रिवेदी और मनन मिश्रा सिलीगुड़ी में कल खोलेंगे राज्य कानून व्यवस्था की पोल

    April 18, 2026

    19 अप्रैल को अक्षय तृतीया,जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, सोना-चांदी खरीदने का समय

    April 18, 2026

    अक्षय तृतीया पर 100 साल बाद आ रहा है अक्षय योग

    April 16, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, April 19
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » शक्ति का उग्र, तेजस्वी और रक्षक रूप माना जाती है मां कात्यायनी

    शक्ति का उग्र, तेजस्वी और रक्षक रूप माना जाती है मां कात्यायनी

    शरीर को निरोग बनाने का वरदान देती है मां कात्यायनी
    Roaming ExpressBy Roaming ExpressSeptember 27, 2025 धर्म एवं आस्था

    – दाहिनी ओर का ऊपर वाला हाथ अभय मुद्रा में है और नीचे वाला हाथ होता है वर मुद्रा में

    – मां कात्यायनी की कृपा से साधक को साहस, सौभाग्य और शांति का वह दिव्य वरदान

    अशोक झा/ सिलीगुड़ी: शारदीय नवरात्रि का आज छठा दिन है और इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कात्यायनी को शक्ति का उग्र, तेजस्वी और रक्षक रूप माना जाता है। मां कात्यायनी जीवन को सफल और शरीर को निरोग बनाने का वरदान देती हैं। इस दिन लोग माता से अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मांगते हैं। पुराणों के अनुसार, मां कात्यायनी का वाहन सिंह है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप चार भुजाओं वाला है। दाहिनी ओर का ऊपर वाला हाथ अभय मुद्रा में है और नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है। वहीं, बाईं ओर का ऊपर वाला हाथ तलवार से सुसज्जित है और नीचे वाला हाथ कमल-पुष्प धारण किए हुए है। ऐसे में आप नवरात्रि के सातवें दिन अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं। हम आपके लिए कुछ बेहतरीन बधाई संदेश लेकर आए हैं, जिन्हें आप अपने स्टेटस पर भी लगा सकते हैं। उसी तेज से एक परम रूपवती कन्या प्रकट हुई और महर्षि कात्यायन के तपोबल से उनके घर अवतरित हुईं। इसीलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। महिषासुर के संहार के लिए अवतरित यह शक्ति स्वरूपा सिंह पर आरूढ़, चार भुजाओं से अलंकृत और स्वर्ण के समान आभामयी हैं। उनके दाहिने हाथ अभय और वर मुद्रा में हैं, जबकि बाएँ हाथ कमल और तलवार से सुशोभित हैं। यही रूप धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश का प्रतीक है। मां कात्यायनी का स्वरूप केवल युद्धिनी देवी का ही नहीं, बल्कि करुणा और प्रेम की अधिष्ठात्री का भी है। वे अनाहत चक्र की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं, जिससे साधक के भीतर सामंजस्य, करुणा और दिव्य प्रेम जागृत होता है। भक्ति-परंपरा में मां कात्यायनी का विशेष स्थान है। भागवत महापुराण में वर्णन आता है कि वृंदावन की गोपिकाओं ने श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए कात्यायनी व्रत किया और देवी का यह मंत्र जपा-“कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि । नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः” इस मंत्र की महिमा आज भी वैवाहिक जीवन में सौभाग्य और अवरोध निवारण के रूप में मानी जाती है। जिन कन्याओं के विवाह में बाधाएँ आती हैं, वे मां कात्यायनी की उपासना कर इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें तो देवी उनकी मनोकामना पूर्ण करती हैं।सप्तश्लोकी दुर्गा में उनकी महिमा का वर्णन इस प्रकार किया गया है। “चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना । कात्यायनी शुभं दद्यात् देवी दानवघातिनी ॥ “नवरात्रि के छठे दिन मां की उपासना अत्यंत पवित्र मानी जाती है। साधक को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए, फिर पीले या सुनहरे वस्त्र पहनकर मां का ध्यान करना चाहिए। पूजा में रोली,अक्षत, पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें तथा भोग के रूप में शहद समर्पित करें। यह मधु जीवन में मधुरता और सौहार्द का प्रतीक है। उनकी उपासना से अविवाहित कन्याओं को इच्छित वर की प्राप्ति होती है, दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहती है तथा साधक को साहस और आत्मबल की प्राप्ति होती है। भय, चिंता और नकारात्मकता का नाश कर वे जीवन में सौभाग्य और संतुलन की स्थापना करती हैं। भागवत पुराण में वर्णन मिलता है कि वृंदावन की गोपिकाओं ने श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए कात्यायनी व्रत किया था। तभी से यह व्रत विशेषकर विवाह योग्य कन्याओं के लिए अत्यंत फलदायी माना गया।उनकी स्तुति में अनेक शास्त्रीय श्लोक उपलब्ध हैं। सप्तश्लोकी दुर्गा में मां कात्यायनी का गुणगान इस प्रकार है-
    “चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना । कात्यायनी शुभं दद्यात् देवी दानवघातिनी ॥ इसी प्रकार विवाह बाधा निवारण हेतु प्रसिद्ध मंत्र है- “कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि । नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः” इन श्लोकों के जप से साधक को विशेष कृपा प्राप्त होती है।नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की उपासना करते समय स्नानादि से शुद्ध होकर पीले या सुनहरे वस्त्र धारण करने चाहिए। स्वच्छ पूजा स्थल पर मां का आवाहन कर रोली, अक्षत, पुष्प और धूप-दीप अर्पित करना चाहिए। इस दिन विशेष भोग के रूप में शहद अर्पित करने का विधान है, जिससे जीवन में मधुरता और शांति आती है।वास्तु शास्त्र की दृष्टि से मां कात्यायनी का संबंध दक्षिण दिशा से माना गया है। इस दिन घर की दक्षिण दिशा की विशेष सफाई और सजावट करनी चाहिए। उस दिशा में दीपक जलाने और पुष्प अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। शहद से मिश्रित जल का छिड़काव घर के वातावरण में सामंजस्य और सौहार्द को बढ़ाता है। अविवाहित कन्याएँ यदि दक्षिण दिशा की ओर मुख करके मां कात्यायनी का ध्यान करें, तो विवाह संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं। मां कात्यायनी के माध्यम से सक्रिय होने वाला अनाहत चक्र हृदय में प्रेम और संतुलन का भाव जागृत करता है, जिससे परिवार और समाज में समरसता आती है। अतः मां कात्यायनी का स्वरूप केवल महिषासुर संहारिणी का नहीं, बल्कि जीवन में प्रेम, सामंजस्य और सौभाग्य की स्थापना का भी प्रतीक है। उनका आशीर्वाद साधक को सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार की उन्नति प्रदान करता है। नवरात्रि के छठे दिन की उनकी उपासना न केवल विवाह बाधाओं को दूर करने का मार्ग दिखाती है, बल्कि परिवार और समाज में सुख, शांति और संतुलन स्थापित करने का भी उपाय है।
    मां कात्यायनी की कृपा से साधक को साहस, सौभाग्य और शांति का वह दिव्य वरदान मिलता है जो जीवन को पूर्ण और अर्थपूर्ण बना देता है। उनका आशीर्वाद न केवल सांसारिक जीवन को सुखमय बनाता है, बल्कि साधक को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊँचाई भी प्रदान करता है। वे केवल दानव संहारिणी नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और धर्म-संरक्षण की अधिष्ठात्री हैं.नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की उपासना कर श्रद्धा-भक्ति से यह प्रार्थना करनी चाहिए कि-
    “हे मां! हमारे जीवन से भय और क्लेश का नाश करें, हमारे हृदय को करुणा और प्रेम से परिपूर्ण करें, और हमारे परिवार एवं समाज में धर्म, शांति और सौहार्द की स्थापना करें।”

    Post Views: 95

    Related Posts

    सिलीगुड़ी में सज गया मां वैष्णव का दरबार,मैया करेंगी सबका बेड़ा पार

    April 12, 2026By Roaming Express

    कल मनाया जाएगा विश्व नवकार महामंत्र दिवस

    April 8, 2026By Roaming Express

    स्वामी भक्ति का आज भी सबसे अदभुत उदाहरण है रामदूत हनुमान

    April 1, 2026By Roaming Express

    हनुमान जयंती विशेष : हनुमान से ले जीवन में सीख : जीवन में सफलता के लिए ताकत नहीं, बल्कि समझदारी, धैर्य जरूरी

    April 1, 2026By Roaming Express

    हनुमान जयंती के पूर्व आज बन रहा खास योग, आएगा ख़ुशी का तूफान

    March 30, 2026By Roaming Express

    अप्रैल के पहले दिन से शहर में गूंजेगा रामभक्त हनुमान का जयकारा

    March 30, 2026By Roaming Express
    Top Posts

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    सांसद सुधांशु त्रिवेदी और मनन मिश्रा सिलीगुड़ी में कल खोलेंगे राज्य कानून व्यवस्था की पोल

    April 18, 2026

    – सिलीगुड़ी में भाजपा लीगल सेल से करेंगे बैठक तो अग्रसेन भवन में बुद्धिजीवियों के…

    19 अप्रैल को अक्षय तृतीया,जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, सोना-चांदी खरीदने का समय

    April 18, 2026

    अक्षय तृतीया पर 100 साल बाद आ रहा है अक्षय योग

    April 16, 2026

    नोएडा हिंसा में निकला पाकिस्तान कनेक्शन, गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर ने किया खुलासा

    April 16, 2026
    LATEST NEWS

    सांसद सुधांशु त्रिवेदी और मनन मिश्रा सिलीगुड़ी में कल खोलेंगे राज्य कानून व्यवस्था की पोल

    April 18, 2026

    19 अप्रैल को अक्षय तृतीया,जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, सोना-चांदी खरीदने का समय

    April 18, 2026

    अक्षय तृतीया पर 100 साल बाद आ रहा है अक्षय योग

    April 16, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1601815
    Hits Today : 2209
    Who's Online : 10
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.