अशोक झा/ सिलीगुड़ी: मेदिनीपुर के सोना कारोबारी स्वपन कामिल्य की हत्या के मामले में अब कूचबिहार के तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष सजल सरकार को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को उन्हें विधाननगर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ जज ने 10 दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया।
सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के एक डीसीपी रैंक के अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि बिधान नगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से सूचना दी गई थी। हमें एक टीम बनाकर ऑपरेशन में मदद करने को कहा गया था। जिसके बाद प्रधान नगर थाने की पुलिस ने बिधान नगर पुलिस की मदद की और एक आरोपित को मिलनमोड़ इलाके से गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि 28 अक्टूबर को विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के न्यूटाउन से स्वपन कामिला नामक एक स्वर्ण व्यवसायी का शव बरामद हुआ था। दो दिन बाद उसके साले देबाशीष कामिला ने विधाननगर दक्षिण थाने में अपहरण और हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्य आरोपित राजगंज के बीडीओ प्रशांत बर्मन है। पुलिस ने जांच के बाद दो आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। एक का नाम राजू ढाली और दूसरे का नाम तूफान थापा है. राजू ढाली प्रशांत बर्मन की कार का चालक है। घटना में जलपाईगुड़ी के राजगंज के बीडीओ प्रशांत बर्मन का नाम सामने आने से राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सजल की गिरफ़्तारी की खबर सामने आते ही प्रशांत की उससे नज़दीकी की तरह-तरह की कहानियाँ सामने आने लगीं। सजल को कूचबिहार जिला तृणमूल में आधिकारिक गुट का विरोधी माना जाता है। वह कई बार ज़िला अध्यक्ष के फ़ैसलों का विरोध या अवज्ञा करके सुर्खियाँ बटोर चुके हैं। कूचबिहार ज़िला तृणमूल अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक अभिषेक बनर्जी के बेहद क़रीबी माने जाते हैं। इसके बावजूद, सजल ने अभिजीत को बार-बार किसकी ताकत से चुनौती दी, यह राजनीतिक गलियारों में लाख टके का सवाल था। तृणमूल नेताओं का एक वर्ग मानता है कि प्रभावशाली बीडीओ के करीबी होने के कारण सजल का सत्ता का अहंकार अब तक स्पष्ट हो चुका है।हालांकि, पार्टी नेता स्वीकार करते हैं कि तृणमूल के शीर्ष नेताओं की अनुमति के बिना सजल की गिरफ्तारी नहीं हुई। हालाँकि सजल की गिरफ्तारी ने सत्तारूढ़ दल की बेचैनी बढ़ा दी है। विपक्ष ने इस घटना का इस्तेमाल तृणमूल पर तीखा हमला करने के लिए किया है। भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने कहा, “राज्य में सत्तारूढ़ दल और अपराधियों के बीच संबंध बार-बार साबित हुए हैं। यह घटना एक बार फिर सामने आई है। पुलिस सख्त कार्रवाई करे।” हालाँकि, सजल सरकार की गिरफ्तारी को लेकर अभी तक सत्तारूढ़ दल की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। कूचबिहार जिला तृणमूल अध्यक्ष गिरिंद्रनाथ बर्मन ने कहा, “मैंने गिरफ्तारी के बारे में सुना है। कानून कानून का पालन करेगा। अगर कोई अपराधी है, तो पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। इस बारे में कहने के लिए कुछ खास नहीं है। BDO की गाड़ी से शव ठिकाने लगाने का आरोप : पुलिस सूत्रों के अनुसार, 28 अगस्त को सोना कारोबारी स्वपन कामिल्य का अपहरण कर न्यूटाउन के एक फ्लैट में ले जाया गया और वहाँ उन्हें अमानवीय यातनाएँ दी गईं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। सबसे सनसनीखेज आरोप यह है कि कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद, शव को बीडीओ प्रशांत बर्मन की गाड़ी में ठिकाने लगाया गया था। बीडीओ के ड्राइवर राजू ढाली और ठेकेदार दोस्त तूफान थापा (दोनों गिरफ्तार) ने पूछताछ में जांचकर्ताओं को यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शव को ठिकाने लगाते समय राजगंज के बीडीओ प्रशांत बर्मन खुद गाड़ी में मौजूद थे।
गिरफ्तार हुए BDO के करीबी TMC नेता: गिरफ्तार TMC ब्लॉक अध्यक्ष सजल सरकार को जलपाईगुड़ी के BDO प्रशांत बर्मन का बेहद करीबी माना जाता है। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि सजल सरकार मारपीट के दौरान घटनास्थल पर मौजूद थे। BDO के ड्राइवर राजू ढाली के मोबाइल में मारपीट का वीडियो मिला है और सजल की टावर लोकेशन भी इसकी पुष्टि करती है। इन सबूतों के आधार पर और घटना के रीकंस्ट्रक्शन तथा गाड़ी की तलाश के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी गई थी, लेकिन जज ने 10 दिन की हिरासत मंज़ूर की।
भ्रष्टाचार के आरोप और BDO का प्रभाव
पता चला है कि कूचबिहार-2 ब्लॉक के इस TMC अध्यक्ष सजल सरकार के खिलाफ सोना तस्करी सहित कई भ्रष्टाचार के आरोप थे। इन्हीं कारणों से उन्हें पहले ब्लॉक अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। लेकिन आरोप है कि BDO प्रशांत बर्मन ने अपना प्रभाव इस्तेमाल करके उन्हें वापस पद पर बिठाया था। पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर BDO समेत बाकी सभी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। बंगाल में स्वर्ण व्यवसायी स्वप्न कमिला हत्याकांड में राजगंज के बीडीओ प्रशांत बर्मन की भूमिका को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक व्यवसायी के शव को ठिकाने लगाने के दौरान बीडीओ स्वयं सरकारी गाड़ी में मौजूद थे। इस गाड़ी में नीली बत्ती लगी थी और इसका इस्तेमाल शव को न्यू टाउन से हटाकर जंगल क्षेत्र में फेंकने के लिए किया गया था। बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के सूत्रों के मुताबिक, बीडीओ के वाहन चालक राजू ढाली और उनके ठेकेदार-मित्र तूफान थापा ने पूछताछ में यह खुलासा किया है। दोनों ने बताया कि जब व्यवसायी का शव ठिकाने लगाया जा रहा था, तब बीडीओ खुद गाड़ी में थे। इससे पहले स्वप्न कमिला को कथित रूप से अपहरण कर न्यू टाउन स्थित बीडीओ के फ्लैट में लाया गया था, जहां उसकी बुरी तरह पिटाई की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बीडीओ ने खुद व्यवसायी पर हाथ उठाया था। जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या का इरादा नहीं था, बल्कि बीडीओ अपने घर से चोरी हुए सोने के गहनों को वापस पाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, जब स्वप्न कमिला ने चोरी हुआ सोना लौटाने का आश्वासन दिया, तब भी प्रशांत बर्मन ने उसे नहीं छोड़ा।
सूत्रों का कहना है कि मारपीट के दौरान व्यवसायी की मौत हो जाने के बाद बीडीओ ने अपने सहयोगियों को भरोसा दिलाया कि “चिंता की कोई बात नहीं, सब कुछ मैं संभाल लूंगा।” इसके बाद रात के समय वे लोग सरकारी गाड़ी में शव को लेकर बागजोला नहर के पास स्थित यात्रागाछी के जंगल में फेंक आए। पुलिस ने बीडीओ की गाड़ी से रक्त के नमूने एकत्र किए हैं और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
घटना 29 अक्टूबर की बताई जा रही है। इसके तुरंत बाद बीडीओ प्रशांत बर्मन एक कैब से कोलकाता हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से विमान द्वारा बागडोगरा रवाना हो गए। जांच में यह भी पता चला है कि घटना से पहले और बाद में राजू व तूफान के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड पुलिस के हाथ लगे हैं और उनके फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रशांत बर्मन और तूफान थापा की जान-पहचान अलीपुरद्वार जिले में तब हुई थी, जब बर्मन कालचीनी ब्लॉक में बीडीओ के पद पर तैनात थे और तूफान वहां के एक ठेकेदार के रूप में काम करता था। समय के साथ दोनों के बीच गहरी नजदीकी विकसित हुई।
मारा गया व्यवसायी स्वप्न कमिला की पत्नी ममता ने मंगलवार को कहा, “मेरे पति की हत्या के मुख्य आरोपित बीडीओ प्रशांत बर्मन हैं। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।” इसी मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को राजगंज बीडीओ कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया, जो लगभग दो घंटे तक चला। बाद में पुलिस हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई।
हालांकि, बीडीओ प्रशांत बर्मन ने मीडिया के सामने निर्दोष होने का दावा करते हुए कहा, “मेरे खिलाफ गहरी साजिश रची जा रही है।








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