– भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण केवल एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत
– मोहन भागवत ने कहा-राम मंदिर बलिदान देने वाले लोगों की आत्मा को शिखर पर ध्वजारोहण के बाद मिली शांति
– आज अयोध्या में सिर्फ ध्वज ही नहीं, हिंदुओं की आस्था भी ऊंची होगी! जय श्रीराम राम मंदिर में चल रहे ध्वजारोहण महोत्सव
अशोक झा/अयोध्या: अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवा ध्वज फहराएंगे। श्री राम और मां सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में यह ध्वजारोहण होगा। इस ध्वजारोहण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो करते हुए राम मंदिर पहुंच गए हैं।यह भव्य कार्यक्रम विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है. पीएम मोदी ने राम दरबार और गर्भगृह में पूजा-अर्चना भी की. उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं।161 फीट ऊंचे शिखर पर फहराया गया यह केसरिया ध्वज त्याग, धर्मनिष्ठा और रामराज्य के मूल्यों का प्रतीक है। ध्वजारोहण के साथ ही पूरी अयोध्या नगरी में भक्ति, उत्साह और अलौकिक वैभव का माहौल छा गया. श्रद्धालु अपनी आंखों के सामने ये विहंगम दृश्य देखकर भाव विभोर हो गए। दूर-दूर से लोग धर्म ध्वजा को लहराते हुए देखने के लिए राम नगरी आए हुए थे। अयोध्या में पीएम मोदी ने कहा, “सदियों की वेदना को विराम मिल गया है, सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों का संकल्प पूरा हो रहा है। आज उस यज्ञ की अंतिम आहुति है जिसकी आग 500 सालों से जल रही थी। एक ऐसा यज्ञ जो आस्था में कभी डगमगाया नहीं, विश्वास में कभी डगमगाया नहीं।”पीएम मोदी के कहने का साफ अर्थ है कि उन्होंने बाबरी मस्जिद की याद अप्रत्यक्ष रूप से दिलाई। हिन्दू पक्षों का दावा रहा है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद को राम मंदिर की जगह बनाया गया था। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में आरएसएस के कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को गिरा दिया। बाबरी मस्जिद का मामला अदालत में कई दशक से चल रहा था। लेकिन इसमें अचानक तेज़ी आ गई। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में फैसला सुनाया कि बाबरी मस्जिद की ज़मीन केंद्र सरकार को दी जाती है। केंद्र सरकार एक ट्रस्ट बनाकर वो ज़मीन हिन्दुओं को सौंप दे। वहां एक राम मंदिर का निर्माण कराया जाए। हालांकि अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि मस्जिद को गिराना गलत था। वो एक ऐतिहासिक धरोहर थी। अयोध्या पर फैसला सुनाने वाले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, रिटायर होने के बाद भाजपा की मदद से राज्यसभा के सांसद बन गए।
अयोध्या में आज क्या हुआ
पीएम मोदी ने मंगलवार 25 नवंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अभिजीत मुहूर्त में 10×20 फीट का त्रिकोणीय भगवा ध्वज फहराया। हिंदू मान्यता में अभिजीत मुहूर्त अत्यंत शुभ माना जाता है।
ध्वज पर तेजस्वी सूर्य, पवित्र ‘ॐ’ तथा कोविदार वृक्ष अंकित हैं। प्रधानमंत्री ने इसे जागरण, समर्पण और सदियों के सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बताया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ध्वज “संकल्प का प्रतीक” बनेगा जो नागरिकों को जागरण और समर्पण के मार्ग पर ले जाएगा। उन्होंने इसे सदियों से चले आते सामूहिक स्वप्न का प्रतीक बताया जो संतों की तपस्या और प्रयासों से साकार हुआ है। “यह धर्म ध्वज है जो विश्व को भगवान राम के आदर्शों की घोषणा कर रहा है,” उन्होंने कहा और जोड़ा कि यह सत्य तथा धर्म के शाश्वत मूल्यों का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने ‘सत्यमेव जयते’ का उल्लेख करते हुए कहा कि “सत्य की ही जीत होती है, असत्य की नहीं” और यह ध्वज लोगों को प्रेरित करेगा कि वे अपनी बात पर अडिग रहें, चाहे इसके लिए जान भी क्यों न देनी पड़े। ध्वज फहराने को उन्होंने सत्य, धर्म की विजय तथा अपने सिद्धांतों पर दृढ़ता से खड़े रहने की पुनःपुष्टि बताया। अपने अंदर के राम को जगाएंः मोदी: मोदी ने अयोध्या में कहा, “राम केवल एक व्यक्ति नहीं हैं। राम एक मूल्य हैं। अगर भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनना है, तो हमें अपने भीतर के राम को जगाना होगा। और ऐसे संकल्प के लिए आज से बेहतर और क्या क्षण हो सकता है?” ‘नहीं दरिद्र, कोउ दुखी ना दीना’: अयोध्या राम मंदिर से पीएम ने देश को वेलफेयर का संदेश दिया। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस की पंक्ति दोहराते हुए कहा- नहीं दरिद्र, कोउ दुखी ना दीना। यह संदेश बताता है कि विकसित भारत की संकल्पना में कोई भी दुखी और दरिद्र नहीं रहना चाहिए। पूरी दुनिया राममय हो गई: PM: प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अयोध्या शहर भारत की सांस्कृतिक चेतना में एक और मोड़ देख रहा है। आज पूरा भारत ही नहीं, पूरी दुनिया राममय हो गई है। हर राम भक्त के दिल में, बेमिसाल संतोष, असीम आभार और अपार, पारलौकिक आनंद है।
PM ने बताया धर्म ध्वज का महत्व : राम मंदिर से पीएम मोदी ने कहा कि ध्वज संघर्ष से निर्माण की गाथा है, सदियों से संजोए गए सपनों का साकार रूप है। यह झंडा संतों की तपस्या और समाज की भागीदारी का सार्थक परिणाम है। यह धर्मध्वजा सिर्फ एक झंडा नहीं है; यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का झंडा है। इसका भगवा रंग इस पर लिखी सूर्यवंश की कीर्ति, इस पर लिखा ॐ शब्द और इस पर छपा कोविदार वृक्ष रामराज्य की महिमा को दर्शाते हैं।आज अशोक सिंघल को शांति मिल रही होगी’, राम मंदिर ध्वजारोहण के बाद बोले RSS चीफ मोहन भागवत: प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक जब हम भारत की आजादी के 100 साल पूरे करेंगे, हमें एक विकसित भारत बनाना होगा। अयोध्या में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या शहर भारत की सांस्कृतिक चेतना में एक और महत्वपूर्ण मोड़ देख रहा है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह का यह क्षण अनोखा और असाधारण है। दानदाता भक्तों को दी बधाई: पीएम मोदी ने कहा कि इस खास मौके पर, मैं राम भक्तों और उन सभी लोगों को बधाई देता हूं जिन्होंने राम मंदिर बनाने के लिए दान दिया या किसी भी तरह से मदद की। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह पवित्र झंडा इस बात का सबूत होगा कि आखिर में झूठ पर सत्य की जीत होती है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में संपन्न हुआ, जिससे रामनगरी उत्सवमय माहौल में डूब गई। ध्वज की विशेषता: ध्वज लगभग 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है, जिस पर कोविदार वृक्ष, सूर्यवंश का प्रतीक और ‘ॐ’ अंकित है. इसे इलेक्ट्रिक सिस्टम से आरोहित किया गया. यह आयोजन मंदिर निर्माण की पूर्णता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जा रहा है। रामनगरी बनी ऐतिहासिक पलों की गवाह: अयोध्या की सड़कों पर धार्मिक नारों की गूंज है. सात सांस्कृतिक मंचों पर लोक कलाकारों ने नृत्य और गायन से माहौल को भव्य बनाया. हजारों श्रद्धालु और साधु-संत इस क्षण के साक्षी बने. सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजामों के बीच यह आयोजन शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ।
राम मंदिर के शिखर पर फहरी धर्म ध्वजा:अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण आ गया है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहरा दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पवित्र पल में हाथ जोड़कर भगवान श्रीराम को नमन किया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में संपन्न हुआ, जिससे रामनगरी उत्सवमय माहौल में डूब गई।
राम मंदिर में फहराई जा रही धर्म ध्वजा: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ऐतिहासिक क्षणों की शुरुआत हो चुकी है. धर्म ध्वजा फहराई जा रही है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्भगृह में रामलला के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कीय उनके साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य लोग मौजूद हैं। पीएम मोदी और RSS चीफ मोहन भागवत ने ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लीवर खींचकर पूरा किया और सबने देखा कि कैसे धर्म ध्वज राम मंदिर के शिखर पर खूबसूरती और भव्यता से लहराने लगा। RSS चीफ मोहन भागवत ने इसके बाद वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित भी किया और इस क्षण को ‘सार्थकता का दिवस’ बताया।।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मोहन भागवत ने कहा कि यह केवल मंदिर नहीं बल्कि राम राज्य के ध्वज की पुनर्स्थापना है, जिसने कभी संपूर्ण विश्व में सुख-शांति प्रदान की थी।अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन, समय और समर्पण लगाने वाले अनगिनत लोगों की “आत्मा आज तृप्त हुई होगी।” उन्होंने अपने बयान में अशोक सिंघल, महंत परमहंस रामचंद्र दास और विष्णु हरि डालमिया का नाम लिया। कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ आम जनता भी शामिल हुई। अयोध्या शहर को भव्य रूप से सजाया गया था, और इस मौके पर ऐतिहासिक उत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन कार्यक्रम में संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य और पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन एक चीज़ जो हमेशा बनी रही, वह थी आस्था। उन्होंने यह भी कहा कि जब RSS ने नेतृत्व संभाला, तो एक ही नारा था, “राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे”। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण केवल एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। सीएम योगी ने कहा कि इस ऐतिहासिक मौके पर राम भक्तों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज राम मंदिर की शास्त्रीय प्रक्रिया पूरी हुई है, और इससे पहले जिन संतों और महापुरुषों ने इस आंदोलन में योगदान दिया, उनकी आत्मा को शांति मिलनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अशोक सिंघल, संत परमहंस चंद्रदास और आदरणीय डालमिया जी का उल्लेख किया।भगवा झंडा अखंडता, सच्चाई, न्याय और ‘राष्ट्र धर्म’ का प्रतीक- योगी
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, ” यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है. मैं इसके लिए अपना बलिदान देने वाले सभी ‘कर्मयोगियों’ को बधाई देता हूं. यह झंडा इस बात का सबूत है कि धर्म की ज्योति अमर है और राम राज्य के सिद्धांत कालातीत हैं। जब 2014 में PM मोदी प्रधानमंत्री बने, तो करोड़ों भारतीयों के दिलों में जो आस्था जगी थी, वह अब इस भव्य राम मंदिर के रूप में प्रतीक है. यह भगवा झंडा धर्म, अखंडता, सच्चाई, न्याय और ‘राष्ट्र धर्म’ का प्रतीक है।अयोध्या उत्सवों की वैश्विक राजधानी बनी- सीएम : सीएम ने आगे कहा कि एक समय था अयोध्या संघर्ष, अराजकता और बदहाली का शिकार बन चुकी थी, लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में अयोध्या उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन गई है।रामराज की दिव्य स्थापना हो रही है. बेहतर कनेक्टिविटी है, धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ, पंचकोसी, चौदह कोसी और चौरासी कोसी परिक्रमा आस्था को नया सम्मान प्रदान कर रही है. आस्था और आधुनिकता के साथ आस्था और अर्थव्यवस्था के रूप में पहचान बनाई है। संकल्प का कोई विकल्प नहीं- CM मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता है। सभी ने 11 वर्ष में बदलते भारत को देखा है. हम नए भारत का दर्शन कर रहे हैं, जहां विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय है। यह इसे नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है। सीएम योगी ने कहा कि 80 करोड़ लोगों को राशन, 50 करोड़ लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, हर जरूरतमंद को आवास, हर व्यक्ति बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ पा रहा है तो यह रामराज्य की वह उद्घोषणा है, जिसका आधार विकसित भारत है।










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