उप्र बस्ती जिले में मंगलवार को सैनिक कल्याण बोर्ड परिसर में विजय दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना रहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। डीएम ने कहा कि 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों का आत्मसमर्पण और पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश का गठन भारतीय सेना की गौरवशाली वीरता का ऐतिहासिक उदाहरण है। पूरा देश सेना के शौर्य और बलिदान को नमन करता है।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें सियाचिन ग्लेशियर जाने का अवसर मिला, जहां हमारे जवान शून्य से भी नीचे तापमान में देश की रक्षा करते हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, पुलवामा और अखनूर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ढाई वर्ष तक कार्य करने के दौरान सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को नजदीक से देखने का अवसर मिला। उन्होंने पठानकोट एयरबेस, जैसलमेर के तनोट माता बॉर्डर और अरुणाचल प्रदेश के किबिथु तक के भ्रमण का भी उल्लेख किया।कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी को विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट कर्नल दिनेश कुमार सिंह, डा. राम गोपाल सिंह (पूर्व प्रधानाचार्य), ओ.एन. उपाध्याय, कैप्टन आर.के. यादव, कैप्टन दिनेश सिंह, डा. राजेंद्र बौद्ध, जे.के. शाही, रामजी गौड़, के.के. श्रीवास्तव, नरसिंह प्रसाद, विजयपाल, महेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।









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