उप्र बस्ती जिले में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं नोडल अधिकारी आईजीआरएस प्रतिपाल सिंह चौहान ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 16 दिसंबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आवेदकों से संपर्क एवं फीडबैक की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई स्थलीय जांच तथा आवेदकों से संपर्क के उपरांत प्राप्त फीडबैक पर विस्तार से विचार किया गया। जिलाधिकारी ने पाया कि संबंधित अधिकारियों एवं उनके अधीनस्थों द्वारा मामलों को गंभीरता से न लिए जाने के कारण शासन एवं जिले स्तर पर फीडबैक के दौरान अधिकांश प्रकरणों में आवेदकों द्वारा नकारात्मक प्रतिक्रिया दी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। इस संबंध में शासन स्तर से भी लगातार पत्र प्राप्त हो रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिला स्तरीय विभागों अधिशासी अभियंता, उ.प्र. जल निगम (ग्रामीण) , अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड हर्रैया, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड रुधौली (द्वितीय), अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड ग्रामीण (तृतीय), जिला कृषि अधिकारी, कृषि विभाग, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, प्रबंधक-प्रधान प्रबंधक दुग्ध विकास विभाग , औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, प्रभारी चिकित्साधिकारी-अधीक्षक पीएचसी,सीएचसी परसरामपुर, प्रभारी चिकित्साधिकारी,अधीक्षक पीएचसी,सीएचसी बनकटी तथा सहायक विकास अधिकारी पंचायती राज विभाग कप्तानगंज के फीडबैक संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
अपर जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि असंतुष्ट फीडबैक तालिका का अवलोकन कर तीन दिवस के भीतर अपर जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्ट कारणों सहित स्थिति से अवगत कराएं। निर्देशों का अनुपालन न होने एवं कार्यों में सुधार न पाए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।








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