– कहा, शुभेंदु अधिकारी के माध्यम से अमित शाह लेते है कोयला का पैसा
– उनके पास है सबूत, समय पर करेंगे खुलासा, भाजपा आग बबूला
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वहां सियासी पारा हाई है। एक दिन पहले जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पॉलिटिकल कंसल्टेंट I-PAC के ऑफिस और उसके निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की, वहीं इसके खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में रैली निकाली। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर यह दावा करके सनसनी फैला दी है कि उनके पास ऐसे डिजिटल साक्ष्य हैं जो सीधे तौर पर गृह मंत्री की मुश्किलों को बढ़ा सकते हैं। इस बयान के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में हड़कंप मच गया है।अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव का सनसनीखेज दावा;ममता बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से अमित शाह का नाम लिया और कहा कि उनके पास ऐसी ‘पेन ड्राइव’ मौजूद हैं जिनमें गृह मंत्री के खिलाफ चौंकाने वाले सबूत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अब तक संवैधानिक पद की गरिमा और देश के प्रति अपने प्रेम के कारण चुप थीं, लेकिन भाजपा जिस तरह से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, उसके बाद उनकी चुप्पी टूट सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें और अधिक उकसाया गया, तो वे उन पेन ड्राइव का डेटा सार्वजनिक कर देंगी, जिससे अमित शाह का असली चेहरा जनता के सामने आ जाएगा। ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास अमित शाह के खिलाफ सबूत मौजूद हैं मेरे पास इसके सबूत पेन ड्राइव में हैं और जरूरत पड़ने पर वे इन्हें सार्वजनिक करेंगी।
उन्होंने कहा कि कोयला घोटाले की रकम दिल्ली में बीजेपी नेताओं तक पहुंचती है। सुवेंदु अधिकारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने घोटाले का पैसा अमित शाह तक पहुंचाया। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी चाहे जितनी कोशिश कर ले, बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाएगी।
उन्होंने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी की जीत तय है और आगे चलकर दिल्ली में भी बीजेपी को सत्ता से बाहर करना होगा। अमित शाह को उन्होंने ‘बदमाश गृह मंत्री’ करार दिया और सवाल उठाया कि क्या यही गृह मंत्री का काम है।
चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग में बैठे अधिकारी पहले अमित शाह के विभाग में काम कर चुके हैं। आरोप लगाया कि बीजेपी ने हरियाणा और बिहार में जबरन सत्ता हासिल की और अब बंगाल में भी वही कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र का उदाहरण देकर कही ये बात: बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव आयोग की मदद से महाराष्ट्र का चुनाव भी “चुरा लिया”। उन्होंने आरोप लगाया कि अब बंगाल में वैध मतदाताओं के नाम हटाकर विशेष गहन संशोधन (SIR) के जरिए चुनावी प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि बंगाली भाषा बोलने वालों को बांग्लादेशी बताया जा रहा है और रोहिंग्या का मुद्दा बेवजह उठाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने रैली में स्पष्ट किया कि बीजेपी की रणनीति बंगाल में सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह बंगाल में सत्ता हथियाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। इन आरोपों के खिलाफ भाजपा आग बबूला है। वह जहां इस बयान के खिलाफ कानूनी लड़ाई की तैयारी में है वही ममता बनर्जी के गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतरी है।
ईडी क्यों पहुंची आईपैक:अप्रैल 2021 में ईडी ने विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान यह भी बताया था कि इस मामले के एक मुख्य आरोपी ने रुजिरा बनर्जी और उनकी बहन को लंदन और थाईलैंड में काफी बड़ी रकम दी थी। यह दलील उस समय दी गई थी, जब जांच एजेंसी बैंकुड़ा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन इंस्पेक्टर-इन-चार्ज अशोक कुमार मिश्रा की हिरासत बढ़ाने की मांग कर रही थी। अशोक कुमार मिश्रा पर आरोप था कि वह कोयला तस्करी मामले में अनूप माजी का करीबी सहयोगी था।
जिस शकंभरी ग्रुप का नाम इस मामले में सामने आया है, उसके मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल हैं। पश्चिम बंगाल में इंटीग्रेटेड स्टील मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में शकंभरी ग्रुप की बड़ी हिस्सेदारी बताई जाती है। ग्रुप की कई आयरन, स्टील और पावर यूनिट्स ‘थर्माकोल’ और ‘एलीगेंट’ जैसे नामों से राज्य में संचालित हो रही हैं। हालांकि, अहम बात यह है कि शकंभरी ग्रुप से जुड़ी कोई भी कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का टर्नओवर 5,533.69 करोड़ रुपये रहा था, जबकि 2024-25 में इसमें और बढ़ोतरी दर्ज की गई है।









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