संवाददाता (पंकज सिंह)
उप्र बस्ती जिले में एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और छात्र नेता आदित्य नारायण तिवारी उर्फ कबीर हत्याकांड में अदालत ने तलब छह आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश/भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय के न्यायाधीश जितेंद्र गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश दिया।
अदालत में शासकीय अधिवक्ता दिलीप सिंह ने बताया कि कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ऐठीडीह गांव निवासी शिवप्रसाद तिवारी ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, उनका भतीजा कबीर छात्र राजनीति से जुड़ा था और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका था। छात्र राजनीति में वर्चस्व को लेकर उसकी कुछ लोगों से रंजिश चल रही थी।
आरोप है कि नौ अक्तूबर 2019 को दिन में करीब पौने 11 बजे कबीर मालवीय मार्ग स्थित डॉ. रामेंद्र चतुर्वेदी के नए अस्पताल के पास मनोज कुमार और जयप्रकाश ओझा से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल से पहुंचे आरोपियों ने उसे घेर लिया और असलहों से गोली मार दी। गोली लगने से कबीर की मौत हो गई थी।
मामले में वादी की ओर से अधिवक्ता संजय उपाध्याय ने 12 मार्च 2026 को धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत आरोपियों को तलब किए जाने की मांग की थी। अदालत ने अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मोहम्मद साद उर्फ सद्दू, समीर खान, साहिल सिंह, अवनीश प्रताप सिंह और इमरान उर्फ शीबू को बलवा और हत्या की साजिश के आरोप में विचारण के लिए तलब किया था।
अदालत में आरोपियों के हाजिर न होने पर गैरजमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद भी हाजिर नहीं होने पर कुर्की की कार्रवाई का आदेश दिया गया, जिसे पूरा किया जा चुका है। तलबी आदेश के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।









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