– उत्तरायण हो रहा बदनाम, पहले भी अवैध शराब के धंधे का हुआ था खुलाशा
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ छापेमारी से पश्चिम बंगाल में हड़कंप मच गया है. ईडी कोलकाता जोन की टीम ने शुक्रवार (7 नवंबर) को सुबह एक बड़े ऑपरेशन के तहत बिधाननगर, कोलकाता और सिलीगुड़ी में करीब 8 जगहों पर छापेमारी अभियान चलाया।बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई मानव तस्करी मामले को लेकर की गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक ये कार्रवाई एक ऐसे संगठित मानव तस्करी और वेश्यावृति से जुड़ी है, जिसे कुछ कारोबारी बार-कम-रेस्टोरेंट्स के जरिए चला रहे थे। बता दें कि ED की ये जांच पड़ताल पश्चिम बंगाल पुलिस की कई FIRs और चार्जशीट पर आधारित है।
इन मामलों में मुख्य आरोपियों के तौर पर जगजीत सिंह, अजमल सिद्दीकी, बिष्णु मुंद्रा और कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ IPC, Arms Act और Immoral Traffic Prevention Act की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी गरीब लोगों और कमजोर महिलाओं को झूठे नौकरी के वादे देकर कोलकाता और सिलीगुड़ी लाते थे। इसके बाद उन्हें जबरदस्ती वेश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क से कई करोड़ रुपये की नकद कमाई होती थी, जिसे आरोपी कई कंपनियों के जरिए सफेद कर रहे थे। बता दें कि ED की टीम ने आज यानि शुक्रवार को जिन ठिकानों पर छापेमारी की है, उनमें आरोपियों के घर, ऑफिस और कई बार-कम-रेस्टोरेंट्स भी शामिल हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी को शक है कि ये आरोपी बार और रेस्टोरेंट के बिजनेस का इस्तेमाल अपनी गैरकानूनी कमाई को वैध दिखाने के लिए करते थे। ईडी के मुताबिक हवाला और नकली कंपनी के जरिए आरोपियों द्वारा पैसों को इधर से उधर ट्रांसफर किया जा रहा था।आरोप तो यह भी है कि इस अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये की कमाई होती थी, जिसे आरोपी अपने नियंत्रण वाली कई कंपनियों के जरिए सफेद धन में बदल रहे थे.
देशभर में चल रहे ऐसे रैकेट
पुलिस प्रशासन की सख्ती के बावजूद ऐसे रैकेट कमोबेश देशभर में चल रहे हैं. हाल ही में पश्चिमी यूपी और दिल्ली के रास्ते से जुड़े कुछ हाईवे पर होटलों में देह व्यापार का खुलासा हुआ था. ढाबों के अंदर बने चोर रास्तों से एक गुप्त बेडरूम तक पहुंचा जा सकता था, जहां से लड़कियां बरामद हुई थीं. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटलों और ढाबों के मालिकों को गिरफ्तार करके लड़कियों को सुरक्षित छुड़ाया था. उस केस में छाता से लेकर कोसीकलां बार्डर तक हाईवे किनारे अधिकांश होटल, ढाबे व गेस्ट हाउस में बड़े पैमाने पर देह व्यापार का कारोबार चलने की सूचना पर पुलिस ने रेड मारी थी. यहां पर दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य जिलों से आने वाले लोगों को महिलाएं व युवतियां उपलब्ध कराकर संचालक मोटी कमाई कर रहे थे।नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेला
यहPMLA, 2002 के तहत शेड्यूल्ड ऑफेंस मानी जाती हैं. जांच में सामने आया है कि आरोपी व्यक्ति गरीब और असहाय महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलते थे और इस अवैध गतिविधि से भारी मात्रा में नकद धन (कई करोड़ रुपये) कमाते थे. इन अवैध पैसों को अपने नियंत्रण वाली कई कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) कर वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था.
ED की तलाशी कार्रवाई के दौरान कई डिजिटल दस्तावेज, संदिग्ध लेनदेन रिकॉर्ड और आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गई हैं. एजेंसी अब इस रैकेट से जुड़े आर्थिक लेनदेन और लाभार्थियों की पहचान कर रही है।








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