अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले फिर से राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है।चुनाव आयोग ने बिहार के बाद तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में भी वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू कर दिया है।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी शुरुआत से ही इसके विरोध में रही हैं। बिहार चुनाव परिणाम के बाद इसको लेकर चल रही राजनीतिक तनातनी और भी तेज हो गई है।इन सबके बीच टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस और राजभवन को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसको लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। अब राजभवन की ओर से भी रिएक्शन दिया गया है। इसमें कहा गया है कि आरोप लगाने वाले राजभवन आएं और चेक करें कि गोला-बारूद कहां है। यदि गोला-बारूद नहीं मिलता है तो माफी मांगे। गवर्नर हाउस की तरफ से यह भी कहा गया है कि माफी न मांगने की स्थिति में मुकदमा झेलने को तैयार रहें। दरअसल, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने शनिवार 15 नवंबर 2025 को राजभवन को लेकर चौंकाने वाली टिप्पणी की थी। टीएमसी के सीनियर लीडर ने कहा था कि राजभवन में हथियार और गोला-बारूद बांटे जा रहे हैं। अब इसपर गवर्नर हाउस की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। राजभवन की ओर से एक बयान जारी कर एक तरफ जहां कल्याण बनर्जी को चेतावनी दी गई तो वहीं दूसरी तरफ कोलकाता पुलिस की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए गए। बयान में कहा गया, ‘राजभवन सांसद, सिविल सोसाइटी और पत्रकारों (कुल मिलाकर अधिकतम 100 लोगों) के लिए खुला है। वे कल (रविवार 16 नवंबर 2025) सुबह 5 बजे से तुरंत राजभवन आकर यह वेरिफाई कर सकते हैं कि क्या सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार वहां कोई हथियार या गोला-बारूद रखा गया है।…नहीं तो झेलें मुकदमा : राजभवन की ओर से जारी बयान में टीएमसी सांसद को कड़ी चेतावनी भी दी गई है. इसमें आगे कहा गया है, ‘यदि यह सही नहीं है तो सांसद (MP) के पास लोगों से माफी मांगने और नफरती भाषण (हेट स्पीच) के लिए मुकदमा का सामना करने का सम्मानजनक विकल्प है। चूंकि कोलकाता पुलिस राजभवन की सुरक्षा करती है, इसलिए तुरंत जांच की जानी चाहिए कि उन्होंने कथित तौर पर हथियार और गोला-बारूद को राजभवन के अंदर लाने की अनुमति कैसे दी। जेड प्लस सुरक्षा में रहने वाले राज्यपाल और उनके राजभवन स्टाफ के लिए खतरा है। राजभवन की ओर से जारी इस बयान के बाद टीएमसी और राजभवन के बीच टकराव एक बार फिर से बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।लोकसभा स्पीकर तक पहुंचेगा मामला
कल्याण बनर्जी की ओर से राजभवन पर लगाए गए आरोपों का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास यह मामला पहुंच चुका है. राज्यपाल के सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें सलाह दी कि राजभवन में अवैध हथियार और गोला-बारूद की मौजूदगी पर होने वाली जांच पूरी होने तक वे किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं. राज्यपाल आनंद बोस ने कहा, ‘मैं राजभवन में ही रहूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए.’ राजभवन लोकसभा के अध्यक्ष से इस मामले की जांच कराने का अनुरोध करेगा, क्योंकि लोकसभा सदस्य द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आदिवासियों की समस्या को लेकर चिंतित है राज्यपाल
– कहा, मेरी नजर में दो बड़ी समस्या एक हिंसा और दूसरी भ्रष्टाचार
इसके पहले भी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य में आदिवासी समुदाय की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासियों की समस्याओं को लेकर अभी बहुत सुधार की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आदिवासी इलाकों में सड़क, पीने का पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है और सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनकी शिकायतों का समाधान समय पर और सही तरीके से नहीं किया जाता। राज्यपाल आनंद बोस ने कहा, “मैं राज्यपाल बनने के बाद से आदिवासी गांवों का दौरा करता रहा हूं। वहां रहकर और उनके साथ बातचीत करके मैंने देखा कि वे बहुत सारी समस्याओं के साथ जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन इन समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों द्वारा पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए योजनाओं और नीतियों को समयबद्ध तरीके से लागू करना अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि प्रशासनिक तंत्र में सुधार और संवेदनशीलता लाई जाए तो आदिवासी समुदाय का जीवन स्तर बेहतर किया जा सकता है.
राज्य में चुनावी तैयारी और हालात पर भी राज्यपाल ने चिंता जताई उन्होंने कहा, “मेरी दृष्टि में इस राज्य की दो बड़ी समस्याएं हैं। एक हिंसा और दूसरी भ्रष्टाचार. चुनाव से पहले निश्चित रूप से हिंसा को रोकना होगा और चुनाव प्रक्रिया से भ्रष्टाचार को समाप्त करना होगा। आनंद बोस ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और हिंसा की जड़ें तभी खत्म हो सकती हैं जब इन पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए उनका कहना है कि बिना इन दोनों समस्याओं को जड़ से खत्म किए, राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हिंसा और भ्रष्टाचार को नियंत्रण में लाया गया, तो पश्चिम बंगाल अपनी प्राचीन गौरवशाली स्थिति की ओर लौट सकता है. Governor ने अधिकारियों और सभी संबंधित संस्थाओं से आग्रह किया कि वे इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान दें और समय पर कार्रवाई करें। इस दौरान राज्यपाल ने जनता से भी अपील की कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि राज्य का प्रशासनिक तंत्र अधिक प्रभावी और जवाबदेह बन सके।
बंगाल राजभवन में गोला बारूद मामले में राज्यपाल टीएमसी आमने सामने
कहा, माफी मांगे सांसद नहीं तो होगा मुकदमा, मामला पहुंचा लोकसभा अध्यक्ष तक
Related Posts
LATEST NEWS
LANGUAGE
OUR VISITORS







Hits Today : 2056 |
Who's Online : 15 |
CONTACT US
CHIEF EDITOR
Ramesh Mishra
ADDRESS
Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001
MOBILE NO.
+91 7985035292
EMAIL roamingexpressbst@gmail.com
WEBSITE
www.roamingexpress.com



Hits Today : 2056
Who's Online : 15