कहा,बिना सूचना के किया जा रहा प्रवेक्षक,बंगला भाषाक नहीं कोई नॉलेज
अशोक झा/ कोलकाता: कोलकोता के नेताजी इनडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं की बैठक में बंगाल की सीएम ने कहा कि चुनाव आयोग राज्य सरकार को सूचित किए बिना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर रहा है और बीजेपी के हितों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।’केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय भाषा कम नॉलेज’: उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग केवल बीजेपी के निर्देशों पर काम कर रहा है, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निष्क्रिय रहने वाले तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’ टीएमसी चीफ ने दावा किया कि एसआईआर सुनवाई के लिए पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किए गए केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय भाषा का बहुत कम ज्ञान है और वे एसआईआर प्रक्रिया के दूसरे चरण के दौरान वेरिफिकेशन करने के लिए अयोग्य हैं।ड्राफ्ट रोल के पहले पश्चिम बंगाल में 7.66 करोड़ मतदाता थे। अब एसआईआर के बाद 7.08 करोड़ मतदाता रह गए हैं। नई लिस्ट जारी होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बीच सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर करारा वार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में TMC के बूथ लेवल एजेंटों की बैठक में पहुंची ममता ने कहा कि SIR सुनवाई के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय भाषा (बांग्ला) का बहुत कम ज्ञान है। ऐसे अधिकारी संशोधन अभ्यास के दूसरे फेज के दौरान वेरिफिकेशन करने के लिए अयोग्य हैं।उन्होंने कहा कि SIR के दौरान मतदाताओं की मैपिंग में बड़ी गलतियां की गई हैं, जिससे लाखों लोगों के वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है। ममता का आरोप है कि भाजपा लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश कर रही है और खास तौर पर मतुआ समुदाय के वोटों को निशाना बनाया जा रहा है।SIR में 1.5 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का आरोप: ममता बनर्जी ने कहा कि कई इलाकों में जानबूझकर गलत तरीके से मतदाताओं के नाम जोड़े या हटाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस काम में उनकी पार्टी के पार्षद, सभासद या कार्यकर्ता लापरवाह पाए गए, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। ममता ने साफ कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत रहना होगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 1.5 करोड़ लोगों के नाम हटाना चाहती है। उनके मुताबिक, यह निष्पक्ष चुनाव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।टीएमसी हर वोट की रक्षा करेगी: ममता: ममता बनर्जी ने कहा कि TMC किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देगी और हर मतदाता के अधिकार की रक्षा करेगी। बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) की बैठक में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। उनके इस बयान के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
“बंगाल के बिना भारत अधूरा”: ममता बनर्जी ने भावुक अंदाज में कहा कि बंगाल का भारत के इतिहास और लोकतंत्र में अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि “बंगाल के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।” उनके इस बयान को बंगाल की पहचान और सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
बाहरी लोगों को लाने का आरोप: ममता बनर्जी ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वह चुनाव के दौरान दूसरे राज्यों से लोगों को बंगाल लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बर्दवान में बिहार नंबर की कई मोटरसाइकिलें देखी गईं, जिससे चुनाव को प्रभावित करने की आशंका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस हर मतदाता के अधिकार की रक्षा करेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सतर्क रहें और लोगों को जागरूक करें, ताकि कोई भी अपने वोट के अधिकार से वंचित न हो। ममता बनर्जी के इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव नजदीक आते ही भाजपा और TMC के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है। अब सबकी नजर भाजपा और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी है।







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