
– कोहरा और सर्द हवा से गलन में इजाफा,4 डिग्री तक पारा गिरा
– काम काज कम घर में दुबके है लोग या ले रहे अलाव का सहारा
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: ठंड का कहर बढ़ता जा रहा है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कोहरा और सर्द हवा से गलन में इजाफा हो गया है। शाम ढलते ही गलन का कहर इतना बढ़ रहा है कि बाजार में सन्नाटा पसर जा रहा है।सिलीगुड़ी शहर समेत पूरे सीमांचल में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। घना कोहरा शहर की सड़कों, घरों और आसपास के इलाकों को अपनी चादर में ढक ले रहा है।सुबह सूरज देर से निकलने के कारण आम जनजीवन पर भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। हालांकि, यह ठिठुरन कई लोगों के लिए खास आनंद का कारण भी बन रही है।अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान भी नीचे लुढ़कते हुए 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सुबह से लेकर रात तक ठंड से लोग का हाल बेहाल सा हो गया है. शीतलहर में छुपे हुए सूर्य लोगों पर और सितम ढहा रहा है. पिछले तीन चार दिन से सूर्य के दर्शन भी नहीं हो रहे। सूर्य के दर्शन नहीं होने से लोगों को थोड़ी बहुत भी राहत नहीं मिल पा रही है. ठंड भरी मौसम के साथ चल रही पछुआ हवा ठंड में बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही. मंगलवार का दिन अभी तक के ठंड भरे मौसम का सबसे ठंड भरा मौसम के दिन में दर्ज किया गया है।मौसम विभाग की मानें, तो आगे कुछ दिनों तक मौसम का हाल यूं ही बरकरार रहने वाला है। ठंड से बचाव को लेकर लोग तरह-तरह की हतकंडे अपना रहे हैं। बाजार में गर्म खाद्य पदार्थ सामग्री की खरीदारी खूब बढ़ गयी है. चौक चौराहों पर चाय, कॉफी और अंडा की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है। चौक-चौराहों पर अलाव जलाकर लोग ठंड से बचाव करने में लगे हुए हैं।कुल मिलाकर इस बढ़ते ठंड का असर बाजार पर भी दिख रहा है। शाम होने के साथ ही कई दुकानें बंद हो जाती है, जो दुकान रात के 9 से 10 बजे तक खुले रहते थे।वह शाम के सात बजे ही बंद हो जाती है। ठंड के इस मौसम का आनंद लेने के लिए देर रात से लेकर तड़के सुबह तक शहर की सड़कों पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी नजर आ रहे हैं। मोबाइल फोन से सेल्फी लेना और रील शूट करना खासकर युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। युवा ही नहीं, बल्कि मध्यम आयु वर्ग के लोग भी इस शीतल माहौल को कैमरे में कैद करने में व्यस्त हैं।
वहीं, ठंड से बचने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में राहगीरों, रिक्शाचालकों और दिहाड़ी मजदूरों को आग तापते देखा जा रहा है।सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि उत्तर बंगाल के विभिन्न पर्यटन स्थलों की सैर पर निकले पर्यटक भी इस मौसम में सिलीगुड़ी पहुंच रहे हैं। साल के अंतिम दौर में ठंड की दस्तक के साथ सिलीगुड़ी शहर एक नए रूप में नजर आ रहा है।सुबह और शाम की तेज़ ठंड, साथ ही दिन में कम धूप ने स्थिति को और भी मुश्किल बना दिया है। मौसम विभाग ने साफ़ कर दिया है कि जल्द ही राहत की कोई उम्मीद नहीं है, और ठंड की लहर 4 जनवरी तक जारी रहेगी।बिहार के कई हिस्सों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर काफी कम हो गया है, जिससे पूरे दिन लगातार ठंड बनी हुई है। आमतौर पर, दिन में तापमान बढ़ने से कुछ राहत मिलती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। हल्का कोहरा और बादल सूरज की गर्मी को ज़मीन तक पहुंचने से रोक रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार बंगाल में लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पछुआ हवाएं चल रही हैं। ये हवाएं पहाड़ी और उत्तरी इलाकों से ठंडी हवा ला रही हैं, जिससे तापमान और गिर रहा है। इस ठंड की लहर से उत्तरी बिहार के ज़िले खास तौर पर प्रभावित हैं। दार्जिलिंग, कालिमपोंग , पड़ोसी राज्य सिक्किम, बिहार का पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे ज़िलों में लोग कड़ाके की ठंड के कारण घरों में रहने को मजबूर हैं। बिहार की राजधानी पटना में, गुरुवार को घने कोहरे से कुछ राहत मिली, लेकिन ठंड का असर वैसा ही बना रहा। सुबह विज़िबिलिटी बेहतर थी, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा था। हालांकि, ठंडी हवाओं और कम तापमान के कारण लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए दिखे। पार्कों और खुली जगहों पर भी सुबह की गतिविधियां सामान्य से कम थीं। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान और गिर सकता है। अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम रहेगा। इसका मतलब है कि दिन और रात के तापमान में बहुत कम अंतर होगा, और ठंड बनी रहेगी। विभाग ने खास तौर पर बुज़ुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ठंड और कोहरे का असर न सिर्फ़ रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर, बल्कि ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भी साफ़ दिख रहा है। कल घने कोहरे के कारण पटना एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 14 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। कई फ्लाइट्स लेट हुईं, जबकि कुछ पूरी तरह से कैंसिल कर दी गईं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। एयरपोर्ट पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ थी, जो मौसम साफ़ होने का इंतज़ार कर रहे थे। ठंड और कोहरे की वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। राज्य से गुज़रने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में सबसे ज़्यादा देरी हो रही है। यात्रियों को ठंड में प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा करने से पहले ट्रेन का स्टेटस चेक करने की अपील की है।ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और भी ज़्यादा है। मज़दूरों और किसानों के लिए सुबह जल्दी काम पर जाना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। शहरों के चौराहों और ग्रामीण बाज़ारों में भी अलाव जलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ठंडे मौसम में लापरवाही से सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों को ज़्यादा सावधानी बरतने की ज़रूरत है। डॉक्टर लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह और शाम को बाहर जाने से बचने और ठंडी हवा से खुद को बचाने की सलाह दे रहे हैं। मौसम विभाग ने अपनी एडवाइज़री में लोगों से अपील की है कि ज़्यादा ठंड में बेवजह बाहर न निकलें। अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो अपने सिर, कान और हाथों को ढककर रखें। साथ ही, कोहरे में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें और धीरे चलाएं।पश्चिमी हवाओं से ठंड बढ़ी
आने वाले दिनों में मौसम के पैटर्न में किसी बड़े बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पश्चिमी हवाओं के कारण ठंड का मौसम बना हुआ है। जब तक हवा की दिशा और गति में बदलाव नहीं होता, तब तक बिहार को इस कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में शीतलहर और कोल्ड डे दोनों तरह की स्थितियां हैं। 4 जनवरी तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है, इसलिए यह ज़रूरी है कि लोग सतर्क रहें और मौसम विभाग की सलाह मानें। फिलहाल, गर्म कपड़े पहनना, अलाव जलाना और सावधानियां बरतना ही इस कड़ाके की ठंड से निपटने के सबसे अच्छे तरीके हैं।










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