– 4 किलोमीटर लंबे और 4 लेन वाले इस सेतु के निर्माण पर राज्य सरकार की ओर से 1700 करोड़ रुपए होंगे खर्च
अशोक झा/सिलीगुड़ी: देश के कोने-कोने से मकर संक्रांति के दिन गंगासागर में पुण्यस्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही मुश्किलों से राहत मिल जायेगी। उन्हें मुरीगंगा को पार करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मूरीगंगा नदी पर पुल बनवाने की घोषणा कर चुकीं हैं। सागर द्वीप से अमर शक्ति : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने सागरद्वीप आ रही है। वह हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर यहां लगने वाले मेले की तैयारियों की समीक्षा करने सागरद्वीप आती हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले होने वाला इस बार का उनका दौरा अहम माना जा रहा है।
कपिल मुनि मंदिर के पास होगा मुख्य कार्यक्रम
सोमवार को मुख्यमंत्री मूरीगंगा नदी पर गंगासागर सेतु के निर्माण की आधारशिला रखेंगी।सागरद्वीप में कपिल मुनि मंदिर के समीप हेलीपैड के पास मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम होगा। यहीं से मुख्यमंत्री गंगासागर सेतु का शिलान्यास करेंगी।इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी। गंगासागर मेला की तैयारियों की समीक्षा करेंगी ममता
मुख्यमंत्री दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों पर चर्चा करेंगी। वह कपिल मुनि मंदर में पूजा-अर्चना करेंगी। भारत सेवाश्रम संघ के आश्रम का भी दौरा करेंगी। मुख्यमंत्री स्पष्ट कर चुकीं हैं कि इस बार गंगासागर मेले में किसी भी तरह के वीआईपी कल्चर की अनुमति नहीं होगी।
इस बार वीआईपी कल्चर नहीं: ममता बनर्जी कह चुकीं हैं कि वीआईपी पास, अलग रास्ता या विशेष सुविधाएं नहीं होंगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इन निर्देशों के पालन की स्थिति और मेले की समग्र तैयारियों का जमीनी स्तर पर हुए कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री खुद सागर द्वीप आ रही हैं।
अलग-अलग विभागों के अधिकारी तैयारियों के बारे में बतायेंगे।
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, बिजली, सफाई, यातायात और अस्थायी आवास की व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष पेश की जायेगी।
सागरद्वीप को भू-मार्ग से जोड़ने के लिए गंगासागर सेतु: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज सागरद्वीप को भूमि मार्ग से जोड़ने के लिए मूरीगंगा नदी पर गंगासागर सेतु का शिलान्यास करेंगी. करीब 4 किलोमीटर लंबे और 4 लेन वाले इस सेतु के निर्माण पर राज्य सरकार की ओर से 1700 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे. राज्य सरकार ने 2 वर्ष के अंदर सेतु का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इसके निर्माण की जिम्मेदारी एलएंडटी कंपनी को सौंपी गयी है.
मूरीगंगा पर पुल बनने से सागरद्वीप में होगा पर्यटन का विकास
मुख्यमंत्री ने कई बार केंद्र सरकार से मूरीगंगा नदी पर सेतु बनाने के लिए मदद करने की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने कोई मदद नहीं की. इसके बाद बंगाल सरकार ने अपने दम पर सेतु का निर्माण करने का फैसला किया है. मूरीगंगा नदी पर ब्रिज बनने से यहां आने वाले पुण्यार्थी आसानी से गंगासागर मेला प्रांगण तक पहुंच जायेंगे. इससे क्षेत्र में पर्यटन उद्योग का विकास होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा।आज सोमवार को वह अपना वादा पूरा करेंगी। ममता बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सागर द्वीप को बंगाल के मुख्य भू-भाग से जोड़ने के लिए एक पुल के निर्माण की आधारशिला रखेंगी। पश्चिम बंगाल सरकार के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
गंगा नदी पर पुल के निर्माण में खर्च होंगे 2500 करोड़ रुपए
अधिकारी ने बताया कि मूरीगंगा नदी पर बनने वाले पुल के निर्माण पर 2,500 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है। इस पुल के बन जाने से कपिल मुनि मंदिर की तीर्थयात्रा में बड़ा बदलाव आयेगा। पुल के निर्माण का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है और इसके 2 साल में बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। सागर द्वीप में मकर संक्रांति पर हर साल लगता है गंगासागर मेला ; कपिल मुनि मंदिर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित सागर द्वीप में है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु सागर में पुण्य स्नान करने के लिए आते हैं. मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से इस वार्षिक मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग करती रही हैं। इस मेले में देश भर से और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों से भी लाखों श्रद्धालु आते हैं। कपिल मुनि मंदिर और भारत सेवाश्रम संघ जा सकतीं हैं ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को कपिल मुनि मंदिर और भारत सेवाश्रम संघ भी जा सकतीं हैं. अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मकर संक्रांति के दौरान मेले की तैयारियों का जायजा भी लेंगी. मकर संक्रांति के दौरान भारी भीड़ से बचने के लिए कई तीर्थयात्रियों ने पहले ही मंदिर में दर्शन करना शुरू कर दिया है. अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने पश्चिम बंगाल में होने वाले इस सबसे बड़े मेले के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक बुनियादी ढांचागत और सुरक्षा उपाय किये हैं।








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