– बंगाल का बकाया ही लौटा देते वही काफी था राज्य के लिए
– पश्चिम बंगाल: सीएम ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट को दृष्टिहीन और दिशाहीन बताया
अशोक झा/कोलकाता: मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का आम बजट पेश कर दिया है। इस बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं। मोदी सरकार इसे व्यापक और विकास-केंद्रित बजट बता रही है, लेकिन विपक्षी नेताओं ने अब इसकी कमियां गिनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने बजट की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे पूरी तरह दिशाहीन करार दिया है। ममता बनर्जी ने यहां तक कहा कि इस बजट की वजह से शेयर बाजार धराशायी हो गया है। सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “यह बजट पूरी तरह दिशाहीन है। इसमें कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आती। मोदी सरकार के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है और बाजार लगातार गिरता जा रहा है। यह बजट महिला विरोधी और एससी-एसटी विरोधी भी दिखाई देता है।” उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पश्चिम बंगाल के लिए बजट में कोई खास ऐलान नहीं किया गया।
सीएम ममता क्यों हैं नाराज?: मुख्यमंत्री ममता ने आगे कहा कि बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया है। सिर्फ एक ही टैक्स है, जीएसटी। वे हमारा पैसा ले रहे हैं और बातें कर रहे हैं। यह हमारा पैसा है। वे बंगाल से जो वसूल रहे हैं, उसका पूरा फंड हमें नहीं दे रहे हैं। हमें केंद्र सरकार से लगभग दो लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे। इसलिए उन्हें सरकार चलाने और देश को इस तरह बर्बाद करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वे देश की आर्थिक संरचना, इस देश की संवैधानिक संरचना, बुनियादी सुविधाओं सहित स्वतंत्र व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, सामाजिक क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र, संघीय क्षेत्र, सब कुछ नष्ट करना चाहते हैं। सब कुछ गायब हो गया है। सिर्फ बातें करते हैं, काम कम। वे करते क्या हैं? सिर्फ शब्दों का छल करते हैं… आपको आम लोगों को लाभ देना होगा ताकि वे सुविधाओं का आनंद ले सकें। एक तरफ जहां सीएम ममता बनर्जी बजट पर लगातार निशाना साध रही हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी के नेता, भाजपा-शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री इस बजट को ऐतिहासिक बता रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की जमकर तारीफ की है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी जी ने सिद्ध किया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। इस बजट में न सिर्फ हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उसे प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है, जो उसे हर कदम पर मदद करेगा। #ViksitBharatBudget एक ऐसे भारत के निर्माण का विजन है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो।
बजट पर क्या बोले एक्सपर्ट: केंद्रीय बजट 2026-27 पर भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा, “बजट पर हमारी प्रतिक्रिया सकारात्मक है क्योंकि इसमें उद्योगों, खासकर MSMEs की मांगों को पूरा किया गया है। सेवाक्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने टैक्स सरलीकरण से जुड़ी चिंताओं को भी सुना है। इस बार पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में भी 10-12% की बढ़ोतरी की गई है।”








Hits Today : 416
Who's Online : 10