उप्र बस्ती मंडल मुख्यालय का दशकों पुराना रोडवेज बस स्टेशन अब नए कलेवर में नजर आएगा। लंबे समय से बदहाली और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे बस स्टेशन को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधुनिक रूप दिया जाएगा। प्रदेश में दूसरे चरण के तहत 49 बस स्टेशनों के कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें बस्ती बस स्टेशन भी शामिल है। शासन स्तर पर तकनीकी मूल्यांकन के बाद वित्तीय बिड खोली जा चुकी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
पीपीपी मॉडल पर विकसित होने के बाद बस स्टेशन का मौजूदा स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक आधुनिक और बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जाएगा। यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, साफ-सफाई, पार्किंग और खानपान जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बस स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर व्यवस्थित और यात्री सुविधाओं के लिहाज से विकसित करने की योजना है।
निर्माण के दौरान पार्सल सेवा पर भी नजर
रोडवेज मुख्यालय ने दूसरे चरण में पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जा रहे 49 बस स्टेशनों की प्रगति रिपोर्ट तलब की है। चयनित फर्म मेसर्स एवीजी लॉजिस्टिक्स को बस स्टेशन हस्तांतरित किए जाने की स्थिति के साथ ही कोरियर-पार्सल सेवा की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है।
अधिकारियों से यह बताने को कहा गया है कि संबंधित बस स्टेशन चयनित फर्म को हस्तांतरित हुआ है या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि फर्म की ओर से कोरियर-पार्सल सेवा संचालित की जा रही है या नहीं। निर्माण के कारण सेवा प्रभावित होने की स्थिति में इसकी तिथि या माह और वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी भी देनी होगी, ताकि निर्माण अवधि में यात्रियों और व्यापारियों को परेशानी न हो।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि शासन स्तर से बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। बस्ती के साथ देवरिया, सोनौली और निचलौल समेत अन्य बस स्टेशन भी योजना में शामिल हैं









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