
अशोक झा, सिलीगुड़ी:क्रिसमस डे ईसाई धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। लेकिन इस पर्व को सभी धर्म के लोग बड़े धूमधाम से मनाते हैं। यह सिलीगुड़ी कोलकोता,दार्जिलिंग, सिक्किम, कालिंगपोंग समेत पूर्वोत्तर में 25 दिसंबर को ही मनाया जाता है। पूर्वोत्तर भारत में दुर्गापूजा, दीपावली के तर्ज पर ही क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है। अभी क्रिसमस में एक माह का समय बचा हुआ है।अभी से पड़ोसी राज्य सिक्किम, बंगाल का दार्जिलिंग, कालिमपोंग, सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल के अन्य जिलों में चाय बागान में अपने घर को सजाने का काम शुरू हो गया है। यहां क्रिसमस का त्यौहार किसी बड़े पर्व से कम नहीं है। यही कारण है कि सिलीगुड़ी में अभी से करोड़ों रुपए के केक का ऑडर मिलना शुरू हो गया है। जहां तक घर की सजावट की बात है तो इसके लिए लोग सिलीगुड़ी में “सिक्किम को हार्डवेयर” Orbit Sanitations में पहुंच रहे है। लोगों के नजर में टाइल्स, सैनिटरीवेयर, हार्डवेयर की दुकान मून लाइट कैपिटल, एलजी-01; 3rd माइल, (सोना पेट्रोल पंप के पास) सेवक रोड, सिलीगुड़ी की ओर चले जाती है। इसका कारण है उच्च क्वालिटी और सस्ते दाम में सामान का होना है। इन प्रतिष्ठानों के साथ सिक्किम और हिल्स के लोगों का अटूट विश्वास जुड़ा है। उन्हें पता है कि इस दुकान से उन्हें ठगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दुकान के मालिक अंकित ओर पुलकित लोहिया ने बताया कि आज के दौर में सभी चाहते है है उन्हें शांति और शकुन मिले। इसके लिए जरूरी है घर में वैसा माहौल मिले। हम लोगों को उसी को देने की कोशिश की जा रही है। लोहिया ने बताया इस दुकान में सभी होम डेकोर की ज़रूरतों के लिए सैनिटरीवेयर, टाइल्स और अन्य हार्डवेयर की एक विस्तृत श्रृंखला की पूर्ति की जाती है। इस स्टोर में 100 से अधिक प्रमुख ब्रांड्स के 100 से अधिक प्रोडक्ट्स मौजूद हैं।
मान्यता है कि यह पर्व यीशु मसीह के जन्म की खुशी में मनाया जाता है।लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर 25 दिसंबर को ही क्रिसमस क्यों मनाया जाता है? क्रिसमस डे का पर्व ईसाई धर्म के संस्थापक प्रभु यीशु के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. मान्यता है कि यीशु मसीह का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था. हालांकि बाइबल में यीशु मसीह के जन्म की सटीक तारीख का उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन चौथी शताब्दी में रोम के सम्राट कॉन्सटेंटाइन ने 25 दिसंबर को क्रिसमस के रूप में आधिकारिक मान्यता दी. इसके बाद से ही ईसाई धर्म के लोग 25 दिसंबर को क्रिसमस डे मनाते हैं।वास्तु के अनुसार, क्रिसमस ट्री को घर के उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है. अगर उत्तर दिशा में जगह न हो तो उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व दिशा में रख सकते हैं. इन दिशाओं में क्रिसमस ट्री रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।। क्रिसमस ट्री को सजाते समय रंगों का भी खास महत्व होता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, लाल और पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली लाते हैं. लाल रंग प्यार, उत्साह और जीवन शक्ति का प्रतीक है, जबकि पीला रंग खुशी, आशा और बुद्धि का प्रतीक है। इसलिए जब आप अपने क्रिसमस ट्री को लाल और पीली रोशनी से सजाते हैं, तो आप अपने घर में प्यार, खुशी और सकारात्मकता का वातावरण बनाते हैं। सीएम ममता बनर्जी होती प्रार्थना में शामिल: बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्रिसमस के मौके पर कोलकाता के बड़ा बाजार इलाके में ‘कैथेड्रल ऑफ मोस्ट होली रोजरी’ में मध्यरात्रि की प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और लोगों को इस पर्व की शुभकामनाएं देंगी।सीएम ममता का कहना है कि क्रिसमस आशा, प्रेम और एकजुटता का त्योहार है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि क्रिसमस सभी गिले-शिकवे को दूर कर लोगों को एकता और भाईचारे की भावना से जोड़ता है। सीएम ममता बनर्जी के साथ कलकत्ता के आर्कबिशप थॉमस डिसूजा, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और शहर के पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा भी साथ होंगे।









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