
देश के सबसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित आवासीय शिक्षण संस्थानों में से एक अजमेर का मेयो कॉलेज इस महीने अपनी स्थापना की 150 वीं वर्षगांठ मनाया गया। जिसके तहत 27 से 30 नवंबर तक अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें कला प्रदर्शनियां, कपूरिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआई एंड रोबोटिक्स का उद्घाटन, हार्वर्ड बनाम मेयो पोलो मैच, विंटेज कार डिस्प्ले, क्यूरेटेड फैशन शो, सोनू निगम, सलमान अली और यूफोरिया के लाइव म्यूजिक शो शामिल रहा। इसने भाग लेने के लिए सिलीगुड़ी मयूर स्कूल के चेयरमैन विमल डालमिया और बिमला डालमिया ने भी स्कूल का प्रतिनिधित्व किया। कहा मानो स्कूल का नहीं किसी राजा रजवाड़े के शादी समारोह में पहुंचे है। कार्यक्रमों में स्कूल के छात्र, पूर्व छात्र, पेरेंट्स, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। समारोह के तीसरे दिन 29 नवंबर को मुख्य पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात उद्योगपति और इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और मेयो के छात्रों को प्रेरणादायक संबोधन रहा। मेयो कॉलेज जनरल काउंसिल के अध्यक्ष और जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गज सिंह ने कहा कि मेयो की 150 वीं वर्षगांठ समग्र शिक्षा और संस्थागत विकास का महोत्सव है। यह इस बात का प्रमाण है कि मेयो ने परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए डेढ़ सदी तक अपनी प्रतिष्ठा कायम रखी है। मेयो कॉलेज के प्रिंसिपल सौरव सिन्हा ने कहा कि 150 वर्ष पूरे करना हमारे लिए गर्व का विषय है। मेयो केवल अकादमिक शिक्षा नहीं, बल्कि खेल, कला, संगीत, तकनीक और नेतृत्व कौशल का समग्र मिश्रण सिखाने वाला संस्थान है। यहां कुछ छात्रों के परिवार की छह पीढ़ियां पढ़ चुकी हैं, वहीं विविधता को अपनाते हुए हम देश-दुनिया के हर कोने से विद्यार्थियों का स्वागत करते हैं।
विश्वभर में मनाए गए समारोह 150 वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम केवल भारत में ही नहीं, बल्कि सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, यूएसए, यूके और यूएई जैसे देशों में भी आयोजित किए गए। भारत में मुंबई, दिल्ली, उदयपुर, बेंगलुरु, कानपुर, कोलकाता, जयपुर, जोधपुर सहित 20 से अधिक शहरों में एलुमनाई कार्यक्रम आयोजित हुए। यह आयोजन ओल्ड बॉयज़ सोसाइटी (ओबीएस) के अध्यक्ष कर्नल भवानी सिंह और समारोह संयोजक हरमीत सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुए।
150 साल की विरासत और प्रकाश का संदेश ::साल 1875 में भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड मेयो के विजन से स्थापित यह संस्थान आज भी शिक्षा, अनुशासन और चरित्र निर्माण का प्रतीक है। अपने आदर्श वाक्य “Let There Be Light” (प्रकाश हो) के साथ मेयो कॉलेज ने पीढ़ियों को ज्ञान, मूल्य और नेतृत्व की राह दिखाई है और भविष्य में भी यह परंपरा जारी रहेगी। ( अशोक झा की रिपोर्ट )








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