लखनऊ, 08 अप्रैल। राज्य में आगामी जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण व मकानों की गणना कार्य की तैयारियों की समीक्षा श्री एस पी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश एवं श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त, द्वारा की गई ।
इस अवसर पर श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त ने जनगणना के समृद्ध इतिहास एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनगणना के कार्य में अनेक अवरोध आएंगे परन्तु जिला जनगणना अधिकारी के रूप में अपर जिलाधिकारी को देश के विकास में अपनी भूमिका के महत्व को ध्यान में रखते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न करना चाहिए। उत्तर प्रदेश में जनगणना का पहला चरण यथा मकानों की गणना एवं मकान सूचीकरण का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक की जायेगी। जनगणना के आँकड़े देश के विकास की दिशा को तय करते हैं। जनगणना के इन आंकड़ों से ही देश में हुए विकास की झलकी मिलती है । जनगणना को जन-जन की भागीदारी से जोडा जाये तथा इसे जन-अभियान बनाया जाये ताकि जनगणना के सही आंकड़े प्राप्त हो सकें। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल रूप में संपादित की जाएगी। सभी डेटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन एवं निगरानी कार्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से किए जाएंगे। कंचन वर्मा ने समस्त जनपदों को जनगणना कार्य में सहयोग करने एवं सफल बनाने हेतु निर्देशित किया।
मुख्य सचिव महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि :-
1. घनी शहरी बस्तियों में कवरेज:
घनी शहरी, झुग्गी एवं उच्च गतिशील आबादी वाले क्षेत्रों में पूर्ण और सटीक गणना सुनिश्चित की जाए, विशेषकर जब राज्य की लगभग 35% आबादी शहरी है और 17 नगर निगम शामिल हैं।
2. कार्मिकों का डिजिटल डेटाबेस:
लगभग 5.5 लाख प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, उनका सत्यापित विवरण सहित अद्यतन डिजिटल डेटाबेस 10 अप्रैल तक तैयार किया जाए।
3. प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण:
सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में तैनाती से पूर्व अनिवार्य, समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 7 मई के बीच पूर्ण किया जाए। प्रशिक्षण हेतु जारी शासनादेश के अनुसार प्रोजेक्टर, कक्ष, जलपान और उपस्थिति जैसी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। प्रशिक्षण 6 मई से पूर्व पूरा कराया जाए।
4. गणना ब्लॉकों का सीमांकन:
मकान सूचीकरण एवं गणना ब्लॉकों का स्पष्ट सीमाओं के साथ सटीक एवं त्रुटिरहित निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। तकनीकी सहायकों की भर्ती शीघ्र पूर्ण कर geo-tagging और सीमांकन कार्य को सुदृढ़ किया जाए।
5. स्व-गणना को बढ़ावा:
आगामी जनगणना में आम जनता के लिए स्व-गणना का प्रावधान किया गया है। सभी नागरिकों के लिए समावेशी व्यवस्था और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करते हुए व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से स्व-गणना को प्रोत्साहित किया जाए। उत्तर प्रदेश में स्वगणना पोर्टल 7 मई से 21 मई, 2026 तक उपलब्ध रहेगा, जिस पर कोई भी अपने परिवार अपनी जानकारी भर सकेगा।
स अवसर पर निदेशक शीतल वर्मा, निदेशक द्वारा जनगणना 2027 की प्रक्रिया, समय-सीमा एवं डिजिटल रूपांतरण से संबंधित एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की तैयारी और प्रस्तावित कार्ययोजना प्रस्तुत किया। जनगणना के पहले चरण में मकानों की गणना (22 मई से 20 जून, 2026 ) एवं दूसरे चरण ( 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2027)में जनसंख्या की गणना की जाएगी।
इस अवसर पर श्रीमती अपर्णा यू, प्रमुख सचिव (राजस्व), श्री मनीष चौहान, प्रमुख सचिव (GAD), श्रीमती अमृता सोनी, सचिव, श्री अभिषेक प्रकाश, सचिव आदि उपस्थित थे। विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग में समस्त मंडलायुक्त, समस्त जिलाधिकारी , समस्त नगर आयुक्त उपस्थित रहे।









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