अशोक झा/ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों में चल रहे SIR 2.0 में लगे BLOs और दूसरे अधिकारियों को धमकाए जाने को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा,”वह ऐसे मामलों को उसके ध्यान में लाए, वरना इससे अराजकता फैलेगी.”चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने निर्वाचन आयोग से कहा कि वह वोटर लिस्ट के विशेष मतगणना प्रशिक्षण (SIR) के काम में अलग-अलग राज्य सरकारों की ओर से सहयोग की कमी को गंभीरता से ले।Supreme Court Statement: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
Supreme Court Statement
बता दें कि बेंच ने इलेक्शन कमीशन (EC) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी से कहा कि BLOs के काम में बाधा या सहयोग की कमी की शिकायतें अदालत के संज्ञान में लाएं, ताकि वे उचित आदेश जारी कर सकें। द्विवेदी ने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो EC के पास पुलिस को अपने अधीन लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा, जो कि राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। जस्टिस बागची ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने तक पोल पैनल पुलिस को अपने नियंत्रण में नहीं ले सकता।
Supreme Court News Today: चुनाव आयोग का जिक्र कर क्या बोले द्विवेदी?
द्विवेदी ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के पास BLOs और SIR में लगे अन्य अधिकारियों को धमकाने के मामलों से निपटने के लिए सभी संवैधानिक अधिकार मौजूद हैं। जस्टिस कांत ने द्विवेदी से कहा कि स्थिति को गंभीरता से संभालें, वरना अराजकता फैल सकती है। उन्होंने इसे “बहुत गंभीर” मामला बताया। द्विवेदी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में तनाव के बावजूद BLOs के आत्महत्या करने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि उनका काम केवल 30-35 वोटरों के छह-सात घरों की गिनती तक सीमित होता है।
जस्टिस बागची ने बताया कि यह डेस्क का काम नहीं है; BLOs को घर-घर जाकर गिनती के फॉर्म भरने और उसे अपलोड करने की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा, “यह उतना आसान नहीं है जितना दिखता है।”सिनियर वकील वी गिरी ने पिटीशनर सनातनी संसद और अन्य पक्षों की ओर से कहा कि उन्होंने SIR में लगे BLOs और अन्य अधिकारियों के खिलाफ हिंसा और धमकियों की शिकायत की है और चुनाव आयोग से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की है। बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 से पहले उत्तर 24 परगना जिले में उपद्रवियों ने एक बूथस्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के घर पर पत्थर फेंके। इसकी वजह से मकान का एक दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया और खिड़कियों के शीशे टूट गये। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात को जब यह घटना हुई तब बीएलओ मानब चंद्र घर पर अकेले थे जिसके बाद उन्होंने मंगलवार को इस मामले में खरदाह पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। चंद्र उत्तर 24 परगना जिले के खरदाह में बूथ संख्या 43 के बीएलओ हैं। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच करने के लिए बुधवार को पुलिस की एक टीम चंद्र के आवास पर पहुंची और मामले में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन अधिकारी हमले में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। बीएलओ चंद्र ने बताया कि उन्हें हमलावरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। चंद्र ने दावा किया कि वह बूथ नंबर 43 के लिए सरकारी नियमों और निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चार नवंबर को जनगणना प्रपत्रों के वितरण के साथ शुरू किया गया जो कि 11 दिसंबर तक राज्य में जारी रहेगा।









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