लखनऊ। राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही और उदासीनता पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंगलवार को पांच तहसीलदारों को निलंबित कर दिया गया। वहीं 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर की गई है।
इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की तहसीलों में हड़कंप मचा है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राजस्व मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले एक सितंबर को भी चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था।
तहसीलवार और अधिकारीवार हुई समीक्षा
बताया गया कि सात सितंबर को प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 34 के तहत दाखिल वादों की तहसीलवार और अधिकारीवार गहन समीक्षा की गई। समीक्षा में लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर मंगलवार को पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबित अधिकारियों में हरदोई की संडीला तहसील के तहसीलदार अमित यादव, देवरिया के तहसीलदार कृष्ण कुमार मिश्रा, जौनपुर के तहसीलदार सौरभ कुमार, अयोध्या के तत्कालीन नायब तहसीलदार और वर्तमान में गाजीपुर के तहसीलदार रंजन वर्मा तथा प्रतापगढ़ के तहसीलदार अलख शुक्ला शामिल हैं।
13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें चंद्रशेखर वर्मा तत्कालीन तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति तहसीलदार गोरखपुर, गोपाल जी तत्कालीन नायब तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति नायब तहसीलदार कुशीनगर, रविरंजन कश्यप तहसीलदार जौनपुर, राकेश कुमार तत्कालीन तहसीलदार जौनपुर व सम्प्रति तहसीलदार बलरामपुर, कविता ठाकुर तत्कालीन तहसीलदार बाराबंकी व सम्प्रति तहसीलदार गोंडा, देवानन्द तिवारी तत्कालीन तहसीलदार सुल्तानपुर व सम्प्रति तहसीलदार फिरोजाबाद, स्नेहल वर्मा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या व सम्प्रति नायब तहसीलदार लखनऊ, राहुल सिंह तहसीलदार अमेठी, अनिल कुमार तहसीलदार प्रतापगढ़, यजुवेन्द्र सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, सुखवीर सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, रमाशंकर मिश्रा नायब तहसीलदार रायबरेली और शार्द सिंह तहसीलदार लखनऊ शामिल हैं।राजस्व परिषद की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। संबंधित मामलों में जवाबदेही तय कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।









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