बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण बम ब्लास्ट की कड़ियां अब एक बड़े जाल की ओर उन्मुख हो रही हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिला है कि मामला सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं बल्कि कश्मीर, फरीदाबाद और लखनऊ तक फैले नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।इस एक नेटवर्क की परतें तब खुलना शुरू हुई, जब दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों के हाथ ऐसे सुराग लगे। इन्हीं सुरागों के जरिए तीसरे डॉक्टर, डॉ. उमर की तलाश शुरू हो गई। इससे पहले की एजेंसियां उसे पकड़ पातीं, दिल्ली में ब्लास्ट हो गया। इस मामले की पड़ताल अब गहराई से हो रही है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।
Faridabad RDX News: ऐसे खुला आतंकी जाल
पहली गिरफ्तारी डॉ. आदिल अहमद राठर की हुई, जो अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर था। उसके लॉकर से पुलिस को AK-47 राइफल मिली। राठर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से पाया गया। इसकी निशानदेही पर जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में मुजम्मिल को धर दबोचा। मुजम्मिल पुलवामा निवासी है और वह फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर डॉक्टर था।
पिछले 3 साल से वह व्ही काम कर रहा था और यूनिवर्सिटी कैंपस में ही रहता था। सूत्रों के मुताबिक, उसने पूछताछ में कई हम राज खोले। छापेमारी के दौरान एक किराए के कमरा से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 20 टाइमर और 20 बैटरियां बरामद हुईं। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह सामग्री किसी बड़े विस्फोट में इस्तेमाल की जानी थी। यानी डॉक्टरों के भेष में छिपे ये लोग आतंकी हमले की योजना बना रहे थे।
जैश-ए-मोहम्मद से कनेक्शन?
सुरक्षा एजेंसियों ने जब मुजम्मिल के पास से मिले हथियारों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक के ट्रांजेक्शन की जांच की, तो उसके जैश-ए-मोहम्मद से संबंधों के सबूत भी मिलें। पुलिस को उसके फोन, लैपटॉप और ईमेल से कई मैसेज और विदेशी नंबरों से हुई बात का डेटा मिला है। जांच में ये भी सामने आया है कि मुजम्मिल एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा था, जो पिछले कुछ महीनों से उत्तर भारत में एक्टिव था और असलहा जमा करने के साथ-साथ एक बड़े आतंकी हमले की तैयारी में लगा हुआ था। इसी के चलते जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी के कई ठिकानों पर छापेमारी की और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
डॉक्टर के भेष में आतंकियों का नेटवर्क
जांच के इस सिलसिले में पुलिस ने डॉ. शाहीन शाहिद नाम की महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया। शाहीन मूल रूप से लखनऊ के लालबाग की रहने वाली है। इस महिला डॉक्टर की कार से राइफल, पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, यह स्विफ्ट कार उसी अल फलाह यूनिवर्सिटी से जब्त हुई, जहां मुजम्मिल भी काम करता था। तलाशी में कार से Krinkob असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन, 83 राउंड कारतूस, एक पिस्टल और दो खाली खोखे मिले। पुलिस का ये भी कहना है कि मुजम्मिल और महिला डॉक्टर शाहीन अक्सर साथ दिखाई देते थे। दोनों के बीच लगातार संपर्क था और कई बार शाहीन की कार का इस्तेमाल मुजम्मिल भी करता था।
कैसे जुड़े लिंक?
इस केस में सबसे पहले डॉ. आदिल अहमद रठार को गिरफ्तार किया गया, जो अभी जम्मू-कश्मीर पुलिस की हिरासत में है। आदिल के लॉकर से हथियार बरामद हुए। उसकी निशानदेही पर फरीदाबाद से मुजम्मिल को धर दबोचा, उसके कमरे से बरामद गोला-बारूद के बीच तकनीकी समानता मिली है। इससे जांच इस नतीजे पर पहुंची हैं कि आदिल, मुजम्मिल और उमर तीनों एक ही आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे।
Delhi Blast: डॉ. उमर की तलाश और दिल्ली में धमाका
दो डॉक्टरों की गिरफतरि के बाद एजेंसियों की नजर डॉ. उमर पर थी। बताया जा रहा है कि वह इस नेटवर्क का ऑपरेशनल हैंडलर था और गिरफ्तारी के कुछ दिन पहले ही फरीदाबाद से गायब हो गया। पुलिस जब तलाशी के लिए उसके कुछ ठिकानों पर पहुंची, उससे पहले ही डेल्ही के लाल किला के पास धमाका हो गया।
एजेंसियों का ऑपरेशन
इस केस में अब जम्मू-कश्मीर पुलिस, यूपी पुलिस, फरीदाबाद पुलिस, हरियाणा एटीएस और केंद्रीय जांच एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।अल फलाह यूनिवर्सिटी के परिसर में और हॉस्टल में तलाशी चल रही है। पुलिस ने कई कंप्यूटर, हार्ड ड्राइव और दस्तावेज जब्त किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह मॉड्यूल विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था और दिल्ली ब्लास्ट उसी प्लानिंग का हिस्सा था। जिसके जरिए राजधानी में भय और अस्थिरता फैलाई जा सके।
Delhi Red Fort Blast: दिल्ली धमाके से पहले की तस्वीर
Delhi Red Fort Blast (image- Social Media)
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ब्लास्ट से पहले की तस्वीर जारी की है, जिसमें नजर आ रहा है कि i20 कार सुनहरी मस्जिद के पास सड़क पर जा रही है। लाल किले के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग के ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से कार चल रही है, तभी डिक्की में जोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आस-पास की कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और उनमें आग लग गई।
बताया जा रहा है कि यह कार हरियाणा के गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ में रजिस्टर्ड थी। जिसका नंबर HR 26 7624 था, जो मोहम्मद सलमान के नाम पर दर्ज है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस जांच में पुलवामा कनेक्शन भी सामने आया है। सलमान ने i20 कार को जम्मू-कश्मीर के तारिक नामक व्यक्ति को बेचा था।
दिल्ली बम धमाका सिर्फ दिल्ली तक नहीं, इसका नेटवर्क फैला है कश्मीर, फरीदाबाद और लखनऊ तक
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