हिंदू हित का काम करने वाला ही सत्ता पर करेगा राज : शुभेंदु अधिकारी

बंगाल से ममता नहीं हटाई गई तो ,यह बन जायेगा बांग्लादेश

 

– यह कैसा राज जहां पूजा के लिए लेनी होती है अनुमति, पुलिस आयुक्त ने कहा हम तैयार है

बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: भाजपा का विरोधी दल नेता शुभेंदु अधिकारी ने रामनवमी के मौके पर बड़े पैमाने पर जुलूस निकालने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस बार एक करोड़ हिंदू सड़कों पर उतरेंगे। रामनवमी के जुलूस को लेकर अशांति की आशंका है। उन्होंने ये भी कहा कि उत्सव को रोकने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने इतने पर ही नहीं रुके कहा कि अब समय आ गया है जो हिन्दू हित की बात करेगा वहीं देश और राज्य में राज करेगा। इस बयान को लेकर कोलकाता पुलिस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, यह जानकारी पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने दी। भाजपा नेता ने बीते सप्ताह घोषणा की थी कि रामनवमी पर राज्य भर में आयोजित होने वाले 20,000 से ज्यादा आयोजनों में लगभग एक करोड़ हिंदू हिस्सा लेंगे। सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर ममता बनर्जी सत्ता में रहीं तो राज्य में स्थिति बांग्लादेश जैसी हो जाएगी। उनके शासन के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं. हिंदू अब एक समुदाय के प्रति उनके खुलेआम तुष्टिकरण के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेंगा.” उन्होंने ये तक कहा, “हिंदुस्तान में हिंदू राज करेंगे और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के लिए काम करने वाले राज करेंगे। अगर सभी हिंदू एकजुट हो जाएं तो टीएमसी धूल चाटेगी। ‘होली हिंसा के अपराधियों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई’: भाजपा नेता ने होली के दौरान राज्य में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए दावा किया, “होली के दिन सैंथिया में जिहादियों की ओर से दलितों पर हमले किए गए, लेकिन अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सनातनियों के खिलाफ हुई हिंसा को छिपाने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। इस पर विधानसभा में चर्चा भी नहीं होने दी गई। विधानसभा अध्यक्ष पर भी बरस पड़े अधिकारी: सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी पर भी निशाना साधा, क्योंकि उन्होंने होली के दौरान राज्य में हुई हिंसा पर भाजपा के स्थगन प्रस्ताव पर सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दी. अध्यक्ष ने भाजपा के शंकर घोष को प्रस्ताव के पहले कुछ पैराग्राफ पढ़ने की अनुमति दी, लेकिन फिर कहा कि हिंदू और हिंदुत्व शब्द सहित कुछ अन्य संदर्भ और सामग्री सदन में चर्चा के लिए उचित नहीं थे। ‘हिंदू विरोधी शासन की आवश्यकता नहीं’: अधिकारी ने कहा, “हमें इस हिंदू विरोधी शासन की आवश्यकता नहीं है। हम जानना चाहते हैं कि प्रशासन ने होली, जैसे त्यौहार के दौरान वास्तविक घटना को क्यों दबाया और चुप रहा. हमारे मुख्य सचेतक इस पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा चाहते थे, लेकिन यह हिंदू विरोधी सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई सामने आए. हम किस देश में रह रहे हैं, जहां लोकतांत्रिक रूप से चुने गए जनप्रतिनिधियों की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव में हिंदू शब्द शामिल नहीं किया जा सकता है?” मुस्लिम विधायकों के खिलाफ कर दी थी टिप्पणी: बीते सप्ताह सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी के मुस्लिम विधायकों के खिलाफ अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था, “अगर भाजपा सत्ता में आती है तो तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर निकाल दिया जाएगा, जिस पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी।

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