बंगाल में श्री रामनवमी पर शोभायात्रा के लिए मिला कोर्ट से शर्तों के साथ अनुमति
पुलिस प्रशासन ने शोभा यात्रा की नहीं दी थी उस रास्ते से निकालने की अनुमति

– शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल सरकार पर लगाया शोभायात्रा में ज्यादा से ज्यादा बाधा उत्पन्न करने का आरोप
अशोक झा, कोलकाता: पश्चिम बंगाल में रामनवमी से पहले सियासी तकरार छिड़ गई है. बीजेपी और TMC आमने- सामने आ गई है. इसी बीच हावड़ा से एक बड़ी खबर सामने आई है। बता दें कि कोलकाता हाई कोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद को रामनवमी का जुलूस निकालने की अनुमति दी है।ये जुलूस पुराने रास्ते से होकर ही निकाला जाएगा। हालांकि कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी है। जानते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अंजनी पुत्र सेना की ये रैली नरसिंह मंदिर से शुरू होकर जीटी रोड से होते हुए हावड़ा मैदान में समाप्त होगी. यह कई वर्षों से एक वार्षिक कार्यक्रम रहा है. हालांकि, पश्चिम बंगाल सरकार ने शुरू में इस पर आपत्ति जताई थी और 2023 और 2024 में अदालती आदेशों के पिछले उल्लंघन का हवाला दिया था, जिसके कारण कई पुलिस मामले दर्ज किए गए और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच की थी।रखी गई ये शर्त: ये जुलूस के रास्ते में मुस्लिम बहुल इलाका काज़ीपारा भी आएगा. जुलूस निकालने वालों के लिए कोर्ट ने कुछ शर्तें रखी है. एक जुलूस में सबसे ज्यादा 500 राम भक्त शामिल हो सकते हैं।यानि की अंजनीपुत्र सेना के जुलूस में 500 और विश्व हिंदू परिषद के जुलूस में 500 भक्त शामिल हो सकते है। इसके अलावा सभी पार्टिसिपेंट्स की लिस्ट नाम और ID proof के साथ पहले ही पुलिस को सूचित करना होगा। मेटल से बना हुआ कोई हथियार या लाठी का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। सिर्फ PVC से बना हुआ धार्मिक चिन्ह ही ले कर जुलूस में राम भक्त शामिल हो सकते है।ये रैली सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच पूरी होनी चाहिए। पुलिस ने किया था इनकार :इसके अलावा बता दें कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होने वाली अपनी रामनवमी रैली के लिए अदालत से अनुमति प्राप्त कर ली है. इसका मार्ग बीई कॉलेज गेट नंबर 1 से मल्लिक गेट होते हुए रामकृष्णपुर घाट तक जाएगा, जिसमें समान प्रतिबंध लागू होंगे. यह फैसला तब आया है जब हावड़ा पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं और पिछले उल्लंघनों का हवाला देते हुए अंजनी पुत्र सेना को 6 अप्रैल को रैली आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भाजपा नेता सह बंगाल विधानसभा में विरोधी दल नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति के तहत हिंदुओं के धार्मिक आयोजनों में लगातार बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि जब किसी विशेष समुदाय का कोई कार्यक्रम होता है, तब पुलिस की कोई अनुमति आवश्यक नहीं होती, लेकिन जब हिंदू त्योहारों की बात आती है, तो प्रशासन तरह-तरह के प्रतिबंध और निर्देश जारी करने लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कालियाचक तीन नंबर ब्लॉक प्रशासन ने राम नवमी से पहले ऐसे आदेश जारी किए हैं, जिससे भय का माहौल बनाया जा सके। अधिकारी ने आगे कहा कि ममता बनर्जी की सरकार का उद्देश्य हिंदू समाज को एकजुट होने से रोकना और उनके धार्मिक आयोजनों पर बाधा डालना है। उन्होंने ममता सरकार की पुलिस को ‘दलदास प्रशासन’ करार देते हुए कहा कि इस तरह की पाबंदियों के बावजूद हिंदू समाज और अधिक एकजुट होगा और इस बार लाखों-करोड़ों लोग भगवा ध्वज लेकर राम नवमी के अवसर पर सड़कों पर उतरेंगे। उल्लेखनीय है कि इस बार पश्चिम बंगाल में दो हजार से अधिक रामनवमी की शोभायात्रा निकलनी है, जिसमें करीब एक करोड़ हिंदू समुदाय के लोगों के शामिल होने की संभावना है।