जनसांख्यिकीय आंकड़ों का मानचित्र तैयार करें ताकि सीमा पर बाड़ लगाने के साथ घुसपैठ को रोका जाए: अमित शाह

कहा, पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्त होने के साथ ही पुलिस बल के दृष्टिकोण में बदलाव का समय

बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत-म्यांमा सीमा पर, विशेष रूप से नगालैंड, मिजोरम और मणिपुर में जनसांख्यिकीय आंकड़ों का मानचित्रण किया जाना चाहिए ताकि सीमा पर बाड़ लगाने में मदद मिल सके और घुसपैठ को रोका जा सके। यहां पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एनईएसएसी) सोसायटी की 12 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में खनिज, तेल और कोयला भंडारों के लिए व्यापक मानचित्रण की आवश्यकता है ताकि इन खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी से क्षेत्र को आर्थिक लाभ मिल सके।शाह ने कहा, ”भारत-म्यांमा सीमा पर, खासकर नगालैंड, मिजोरम और मणिपुर में जनसांख्यिकीय आंकड़ों का मानचित्रण किया जाना चाहिए ताकि सीमा पर बाड़ लगाने में मदद मिल सके और घुसपैठ को रोका जा सके।”उन्होंने कहा कि इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण कराने की जरूरत है।गृह मंत्री ने कहा कि एनईएसएसी सोसायटी को अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग करके वन क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।उन्होंने कहा कि इसके लिए पुराने मानचित्रों का नवीनतम मानचित्रों से मिलान कर आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा जहां संभावनाएं हों, वहां राज्य सरकारों के सहयोग से पौधारोपण के प्रयास किए जाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्त होने के साथ ही पुलिस बल के दृष्टिकोण में बदलाव का समय आ गया है ताकि लोगों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके। शाह ने यहां पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 72 वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 वर्ष में 20 शांति समझौतों पर हस्ताक्षर करके क्षेत्र में शांति स्थापित की, जिसके परिणामस्वरूप 9,000 सशस्त्र उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।उन्होंने कहा, ”पुलिस ने पिछले चार दशक तक पूर्वोत्तर में उग्रवाद से लड़ाई लड़ी है। अब उग्रवाद समाप्त हो चुका है, तो हमें पुलिस बल के दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत है ताकि लोगों को प्राथमिकी दर्ज होने के तीन साल के भीतर न्याय मिल सके।”गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल संपर्क के लिए 81,000 करोड़ रुपये और सड़क नेटवर्क के लिए 41,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पूर्वोत्तर में विकास गतिविधियों में तेजी लाए जाने का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग के सत्ता में आने के बाद से केंद्रीय मंत्रियों ने इस क्षेत्र के राज्यों में ”700 रातें विताईं हैं।’ वरिष्ठ भाजपा नेता ने सब्जी की खेती, दूध, अंडे और मांस के उत्पादन को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के उत्थान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ”केवल जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) में बढ़ोतरी समग्र विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। सब्जियों, दूध, अंडे और मांस में आत्मनिर्भरता हासिल करने की जरूरत है।’शाह ने कहा कि इसके अलावा, केंद्र सरकार इस क्षेत्र में जैविक खेती पर ध्यान केंद्रित कर रही है।उन्होंने कहा, ”केंद्र ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहले ही राष्ट्रीय जैविक निगम लिमिटेड (एनओसीएल) का गठन किया है। मैं (पूर्वोत्तर के) सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूं कि वे जैविक उत्पादों की पैकेजिंग, विपणन और निर्यात के लिए एनओसीएल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करें।

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