उप्र बस्ती जिले में चार दिव्यांग बच्चों के साथ बिना छत के जीवन गुजार रहे एक परिवार की परेशानी की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के संज्ञान लेने और संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाने के बाद परिवार को आवास समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया गया।
12 सितंबर को प्रकाशित खबर ‘मां पर चार दिव्यांग बच्चों की जिम्मेदारी, सिर पर छत भी नहीं, बस्ती में सरकारी मदद की आस में भटक रहा परिवार’ का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया था। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर परिवार को नियमानुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
रामकिशन पांडेय के चार बच्चे अंकुर (18), विपिन (17), शिव कुमार (7) और सुमन (6) दिव्यांग हैं। परिवार के पास न तो अपना घर था और न ही जमीन। जांच के दौरान बड़े बेटे अंकुर को दिव्यांग पेंशन के लिए पात्र पाया गया, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और परियोजना अधिकारी डूडा ने मामले की जांच की।
कांशीराम आवास योजना के तहत मिला घर
परियोजना अधिकारी डूडा ने परिवार को कांशीराम आवास योजना के तहत आवास आवंटित कर दिया है। परिवार को आवास पॉकेट संख्या-01 के ब्लॉक संख्या 36/423 में घर दिया गया है। आवास मिलने से परिवार की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो गया है और अब उन्हें स्थायी छत मिल गई है।
राशन, गैस और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था
जिला पूर्ति अधिकारी की जांच में पता चला कि नगर पंचायत नगर बाजार निवासी गुड़िया देवी के पास आय प्रमाणपत्र और बैंक पासबुक नहीं थी। आधार के आधार पर आय प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया, जबकि बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई।
तत्काल जनसहयोग से परिवार को 45 किलो चावल और किराना सामग्री उपलब्ध कराई गई। आय प्रमाणपत्र जारी होने के बाद परिवार को अंत्योदय राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलिंडर भी उपलब्ध कराया गया।
बच्चों का स्कूल में दाखिला, व्हीलचेयर और आर्थिक सहायता
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराया गया है। विभाग द्वारा बच्चों को व्हीलचेयर, स्कॉर्ट एलाउंस, स्टाइपेंड और डीबीटी के माध्यम से ड्रेस, जूते, मोजे और बैग के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
विपिन कुमार और सुमन के दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। शिव कुमार और विपिन को विशेष शिक्षक के माध्यम से होम बेस्ड एजुकेशन और शैक्षिक सहयोग दिया जा रहा है, जबकि फिजियोथेरेपिस्ट अजय पांडेय बच्चों की फिजियोथेरेपी कर रहे हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि पात्र परिवार को सभी आवश्यक सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। आवास मिलने के बाद परिवार ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।








Hits Today : 734
Who's Online : 11