वाराणसी में नरेंद्र मोदी के खिलाफ मैदान में बचे अब सात उम्‍मीदवार

 

वाराणसी : वाराणसी सीट पर दाखिल 41 नामांकन पत्रों की बुधवार को रात तक चली जांच में 33 उम्‍मीदवारों के पर्चे खारिज हो गए हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस, बसपा समेत सात प्रत्‍याशी मैदान में बचे हैं। चार दिनों तक प्रशासन पर नामांकन दाखिल नहीं करने देने का आरोप लगाकर हंगामा करने वाले कॉमेडियन श्‍याम रंगीला उर्फ श्‍याम सुंदर का पर्चा भी खारिज हो गया है। ज्‍यादातर निर्दल प्रत्‍याशियों के पर्चे खारिज हुए हैं। नाम वापस लेने का समय 17 मई तक है। अगर किसी ने नाम वापस नहीं लिया तो चुनाव मैदान में आठ प्रत्‍याशी रह जाएंगे। इसमें भाजपा के उम्‍मीदवार पीएम मोदी, कांग्रेस के अजय राय, बसपा से अतहर जमाल जारी, अपना दल(क) के गगन प्रकाश, राष्‍ट्रीय समाजवादी जनक्रांति पार्टी के पारसनाथ केशरी, युग तुलसी पार्टी के कोली शेट्टी और निर्दल दिनेश कुमार यादव व संजय कुमार तिवारी का नाम शामिल है।

श्‍याम रंगीला ने लगाए आरोप

श्‍याम रंगीला का कहना है कि सभी कागजात और आवश्‍यक विषयों को ध्‍यान रखते हुए नामांकन किया था। लेकिन बताया गया कि नामांकन के दौरान शपथ न लेने की वजह से पर्चा खारिज हुआ है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया के बारे में भ्रमित किया। जानबूझकर शपथ नहीं दिलाई गई। नामांकन दाखिल करते समय शपथ लेने के बारे में बताना प्रशासन का काम था। बस डिपॉजिट राशि ली और पर्ची देकर बाहर भेज दिया था। श्‍याम रंगीला ने भावुक होते हुए कहा, ‘हम नेता दिखते नहीं है। नेता वो होते हैं जो पांच मिनट में नामांकन दाखिल कर निकल जाते हैं। हम तो आम आदमी बनकर चुनाव लड़ने निकले थे, लेकिन लोकतंत्र के अंदर एंट्री नहीं हो सकी।’ उन्‍होंने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म एक्‍स पर पोस्‍ट में लिखा, ‘हंसी आ रही है चुनाव आयोग पर। हंस लू क्‍या या रो लूं ? दिल जरूर टूट गया, हौसला नहीं टूटा है।’

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